भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत आज रात जयपुर पहुचेंगे। सीजेआई का 2 महीने में जयपुर का यह दूसरा दौरा हो रहा हैं। इससे पहले 20 फरवरी को सीजेआई ने साइबर सिक्योरिटी पर आयोजित तीन दिवसीय कांफ्रेंस का जयपुर में उद्घाटन किया था। सीजेआई शनिवार को जयपुर में 'रिटायर्ड न्यायाधीशों की भूमिका' पर आयोजित एक दिवसीय सेमिनार 'द बेंच बियॉन्ड रिटायरमेंट' को संबोधित करेंगे। इस सेमिनार में सीजेआई के साथ मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी शिरकत करेंगे। सीजेआई की विजिट के चलते शनिवार को राजस्थान हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश एसपी शर्मा सहित 39 जजेज एक साथ जयपुर में बैठेंगे। हाईकोर्ट जयपुर बैंच की स्थापना के बाद संभवत यह पहला मौका है, जब सभी न्यायाधीश एक साथ जयपुर बैंच में बैठकर सुनवाई करेंगे। लेकिन जहां एक तरफ सभी न्यायाधीश सुनवाई के लिए कोर्ट रूम्स में बैठेंगे, वहीं दूसरी ओर शनिवार वर्किंग के विरोध में हाईकोर्ट में वकील स्वैच्छिक कार्य बहिष्कार पर रहेंगे। पहली बार एक साथ 4 लार्जर बैंच राजस्थान के न्यायिक इतिहास में शनिवार का दिन कई मायनों में खास होने वाला हैं। जानकारों का कहना है कि संभवत ऐसा पहली बार हो रहा है कि हाईकोर्ट के सभी न्यायाधीश एक साथ जयपुर में सुनवाई करेंगे। इसके लिए रोस्टर में बदलाव करते हुए 4 लार्जर बेंच, 6 खंडपीठ और 15 एकलपीठ का गठन किया है। प्रदेश के न्यायिक इतिहास में पहली बार एक साथ 4 लार्जर (दो से अधिक न्यायधीशों वाली बैंच) बैच गठित हुई हैं। जोधपुर के मामलों की सुनवाई भी जयपुर में बैठकर जजेज वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से करेंगे। बार-बैंच में गतिरोध बरकरार हालांकि इन सब के बीच शनिवार-वर्किंग को लेकर बार और बैंच मे चला आ रहा गतिरोध अब भी बरकरार हैं। सीजेआई की जयपुर में मौजूदगी के बाद भी यह गतिरोध नहीं टूट रहा हैं। दरअसल, पिछले साल दिसंबर में जैसलमेर में सीजेआई की उपस्थिति में हाईकोर्ट की पूर्णपीठ की बैठक में साल 2026 से प्रत्येक माह के दो शनिवार (पहला-तीसरा) को वर्किंग का फैसला हुआ था। लेकिन पहले दिन से ही बार इस फैसले के विरोध में थी। उसके बाद भी हाईकोर्ट प्रशासन ने साल 2026 में 17 शनिवार को कार्यदिवस घोषित कर दिए। जिसके तहत 24 जनवरी, 7 फरवरी, 21 फरवरी, 7 मार्च, 25 अप्रेल, 2 मई, 16 मई, 4 जुलाई, 18 जुलाई, 1अगस्त, 22 अगस्त, 5 सितंबर, 26 सितंबर, 31 अक्टूबर, 21 नवंबर, 5 दिसंबर और 19 दिसंबर को सुनवाई होगी। कल 25 अप्रेल को यहीं वर्किंग डे है। जिसे लेकर बार का विरोध जारी हैं।