जयपुर शहर में कायस्थ समाज के कुलदेव भगवान चित्रगुप्त की जयंती पर भव्य आयोजन हुए। विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से धार्मिक कार्यक्रमों और शोभायात्रा का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में समाज बंधुओं ने भाग लिया। कायस्थ जनरल सभा और 25 सहयोगी संस्थाओं के संयुक्त तत्वावधान में विशाल शोभायात्रा मोती पार्क, बापू नगर से रवाना हुई। सभा के अध्यक्ष अवध बिहारी माथुर ने बताया कि शोभायात्रा को विधायक कालीचरण सराफ ने भगवान चित्रगुप्त का पूजन कर हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। मुख्य रथ में सजी भगवान चित्रगुप्त की झांकी शोभायात्रा समिति के राधा मोहन राजौरिया ने बताया कि यात्रा में सबसे आगे बैंडबाजे चल रहे थे, वहीं मुख्य रथ में भगवान चित्रगुप्त की आकर्षक झांकी सजाई गई। यात्रा में समाज की विभिन्न संस्थाओं के पदाधिकारी, महिला-पुरुष और युवा पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए। निर्धारित मार्गों से होती हुई ज्ञान मंदिर पहुंची यात्रा शोभायात्रा सावित्री पथ, राजेन्द्र मार्ग, 12 दुकान, दत्त मोहल्ला होते हुए मंगल मार्ग स्थित चित्रगुप्त ज्ञान मंदिर पहुंची। मार्ग में विभिन्न स्थानों पर कायस्थ परिवारों ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया तथा जलपान की व्यवस्था की गई। 1100 दीपों से महाआरती, श्रद्धालुओं में उत्साह ज्ञान मंदिर पहुंचने पर सभा के चेयरमैन अनूप बरतरिया एवं सचिव अनिल माथुर की उपस्थिति में 1100 दीपों के साथ भगवान चित्रगुप्त की महाआरती की गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। भजन संध्या और आरती से गूंजे मंदिर परिसर सभा के कोऑर्डिनेटर देवेंद्र सक्सेना ‘मधुकर’ ने बताया कि जयंती से पूर्व शहर के विभिन्न चित्रगुप्त मंदिरों में भजन संध्या और आरती का आयोजन किया गया, जहां कलाकारों ने पारंपरिक भजनों की प्रस्तुतियां दीं। श्रद्धा, भक्ति और उत्सव का अनूठा संगम पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक एकता का सुंदर संगम देखने को मिला। आमजन ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और पूरे शहर में उत्सव जैसा माहौल रहा।