जयपुर की मुहाना मंडी में आलू की बंपर आवक से थोक भाव में 6 से 8 रुपए की कमी आई है। पिछले साल 12 से 13 रुपए किलो बिकने वाला आलू इस बार 4 से 7 रुपए किलो बिक रहा है। वहीं, कोल्ड स्टोरेज में भी आलू का स्टॉक फुल होने से किसानों को फसल के अच्छे भाव नहीं मिल रहे हैं। कारोबारियों के अनुसार, दिसंबर तक आलू के भाव में तेजी आने के आसार कम हैं। दूसरी ओर, प्याज के भाव में भी गिरावट आई है। करीब एक महीने पहले 50 से 55 रुपए किलो तक बिकने वाला प्याज अब 40 रुपए किलो बिक रहा है। मुहाना मंडी में मध्य प्रदेश का प्याज 25 से 30 रुपए किलो, नया प्याज 40 रुपए किलो और नासिक का प्याज 42 से 48 रुपए किलो बिक रहा है। प्याज के थोक व्यापारी दयानंद देवनानी ने बताया कि प्याज मंहगा होने के कारण मांग कम होने से भाव में नरमी आई है। दिसंबर तक तेजी की उम्मीद नहीं जयपुर मुहाना आलू आढ़तियां संघ के अध्यक्ष मदन शर्मा ने बताया - कोल्ड स्टोरेज में आलू का इतना स्टॉक है कि दिसंबर तक सप्लाई इसी से हो सकती है। नवंबर के दूसरे सप्ताह से पंजाब में आलू की नई फसल आनी शुरू हो जाएगी। इसके बाद हरियाणा और पूर्वी उत्तर प्रदेश से भी आलू आने लगेगा। पिछले साल आलू के अच्छे भाव मिलने के कारण किसानों ने कीमत और बढ़ने की उम्मीद में आलू बेचने के बजाय कोल्ड स्टोरेज में रख लिया था। अब बाजार में सप्लाई ज्यादा होने से भाव कम मिल रहे हैं। किसानों के लिए आलू मंडी तक लाने का खर्च निकालना भी मुश्किल हो रहा है। ऐसे में खेतों से नई फसल लाने के बजाय कोल्ड स्टोरेज से आलू निकालकर बेचा जा रहा है। मुहाना मंडी में फिलहाल 3797, 302, हाइब्रिड और लाल आलू की किस्में बिक रही हैं। जयपुर से कई शहरों में भेजा जाता है आलू मुहाना मंडी में रोजाना 100 से 125 गाड़ियां आलू लेकर पहुंचती हैं। एक गाड़ी में करीब 15 टन आलू होता है। इस हिसाब से रोजाना करीब 1500 से 1875 टन आलू की आवक होती है। जयपुर में रोजाना करीब 100 से 125 टन आलू की खपत है, जबकि आसपास की मंडियों में 600 से 700 टन आलू की खपत होती है। मुहाना मंडी से आलू उदयपुर, जोधपुर, किशनगढ़, ब्यावर, बीकानेर, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, पाली और शेखावाटी में भेजा जाता है। कुछ क्षेत्रों में स्थानीय मंडियों तक सीधे सप्लाई होती है, जबकि कुछ जगहों पर भरतपुर और आगरा मंडी से भी आलू पहुंचता है। कम भाव के कारण किसान घटा सकते हैं बुवाई मदन शर्मा ने बताया कि इस बार पंजाब में बारिश कम हुई है। साथ ही, किसानों को आलू के अच्छे भाव नहीं मिलने के कारण बुवाई कम होने की संभावना है। इससे आने वाले समय में आलू की पैदावार प्रभावित हो सकती है और आगे भाव बढ़ने की संभावना रहेगी। हालांकि, कोल्ड स्टोरेज में पर्याप्त स्टॉक और नई फसल की आवक के चलते दिसंबर तक तेजी के आसार कम हैं। प्याज की रोज 30 से 40 गाड़ियां पहुंच रहीं दयानंद देवनानी ने बताया - प्याज के भाव जुलाई के अंतिम सप्ताह तक 15 से 20 रुपए किलो था, लेकिन बारिश के कारण प्याज की फसल को नुकसान पहुंचने से अगस्त के पहले सप्ताह से प्याज के भाव 50 से 55 रुपए किलो पहुंच गए। सितंबर के अंतिम सप्ताह तक यही भाव रहे, महंगे भाव के कारण डिमांड में कमी हुई। जिसके बाद प्याज के दाम अक्टूबर के पहले सप्ताह से कम हुए। अब मार्केट में प्याज 10 से 15 रुपए सस्ता हो गया है। प्याज के थोक व्यापारी दयानंद देवनानी ने बताया कि मुहाना मंडी में रोजाना प्याज की 30 से 40 छोटी-बड़ी गाड़ियां पहुंच रही हैं। फिलहाल मध्य प्रदेश का प्याज 25 से 30 रुपए किलो, नया प्याज 40 रुपए किलो और नासिक का प्याज 42 से 48 रुपए किलो बिक रहा है।