जयपुर में कल से दो दिवसीय राष्ट्रीय डिस्कॉम कॉन्फ्रेंस शुरू होगी। इसमें देश-विदेश के 500 से ज्यादा एक्सपर्ट्स शामिल होंगे। कॉन्फ्रेंस के दौरान 7 सेशन आयोजित किए जाएंगे, जिनमें बिजली व्यवस्था में सुधार, नई टेक्नोलॉजी और विद्युत वितरण प्रणाली को बेहतर बनाने से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी। जयपुर में 27 और 28 अक्टूबर को 10वीं राष्ट्रीय डिस्ट्रिब्यूशन यूटिलिटी मीट आयोजित होगी, जिसका उद्घाटन होटल ललित में मंगलवार सुबह 10 बजे ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर और मुख्य सचिव वी.श्रीनिवास करेंगे। राजस्थान में पहली बार हो रही इस कॉन्फ्रेंस में केंद्र और राज्य सरकारों के ऊर्जा विभागों, बिजली वितरण कंपनियों, विद्युत नियामक आयोगों और ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। कॉन्फ्रेंस में बिजली वितरण व्यवस्था को बेहतर बनाने, डिस्कॉम की आर्थिक स्थिति सुधारने, स्मार्ट मीटर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), साइबर सुरक्षा और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी। दो दिन में 7 सेशन, बिजली वितरण की चुनौतियों पर मंथन कॉन्फ्रेंस में दो दिन के दौरान 7 सेशन होंगे। इनमें बिजली वितरण कंपनियों की आर्थिक स्थिति सुधारने, डिजिटल टेक्नोलॉजी और एआई के इस्तेमाल, ग्रिड को आधुनिक बनाने और बिजली आपूर्ति को अधिक भरोसेमंद बनाने पर चर्चा होगी। इसके साथ ही बढ़ती बिजली की मांग, ऊर्जा भंडारण, डेटा सेंटर और इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग के लिए बिजली की जरूरतों पर भी बात होगी। नवीकरणीय ऊर्जा के बढ़ते इस्तेमाल और कार्बन उत्सर्जन कम करने के तरीकों पर भी विशेषज्ञ अपने विचार रखेंगे। कॉन्फ्रेंस की थीम 'सहयोगी विकास के लिए विद्युत वितरण निगमों का एकीकरण' रखी गई है। इसके आयोजक जयपुर, जोधपुर और अजमेर डिस्कॉम हैं। टाटा पावर, चंडीगढ़ पावर, नोएडा पावर, बीएसईएस राजधानी पावर और बीएसईएस यमुना पावर सहयोगी कंपनियों के रूप में शामिल होंगी। अमेरिका, यूरोप, दक्षिण कोरिया और जापान के तकनीकी विशेषज्ञ भी कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लेंगे। पहले दिन उद्घाटन के साथ 3 सेशन कॉन्फ्रेंस के पहले दिन उद्घाटन समारोह के बाद तीन सेशन होंगे। उद्घाटन कार्यक्रम में ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के अध्यक्ष घनश्याम प्रसाद, कैलिफोर्निया एनर्जी कमीशन के वाइस चेयरपर्सन सिवा गंडा और ऑल इंडिया डिस्कॉम्स एसोसिएशन के महानिदेशक आलोक कुमार सहित ऊर्जा क्षेत्र के वरिष्ठ अधिकारी और विशेषज्ञ शामिल होंगे। ये एक्सपर्ट्स होंगे शामिल इसके अलावा गुजरात ऊर्जा विकास निगम की प्रबंध निदेशक शालिनी अग्रवाल, पावर फाउंडेशन ऑफ इंडिया के महानिदेशक आरके त्यागी और राजस्थान विद्युत नियामक आयोग के चेयरमैन राजेश शर्मा सहित अन्य अधिकारी भी संबोधित करेंगे। ऊर्जा विभाग की शासन सचिव आरती डोगरा और इंडिया स्मार्ट ग्रिड फोरम के अध्यक्ष रेजी कुमार पिल्लई स्वागत उद्बोधन देंगे। इस दौरान इंडिया स्मार्ट ग्रिड फोरम, पावर फाउंडेशन ऑफ इंडिया और इंडिया सोलर ग्रिड फोरम की ओर से तैयार रिपोर्ट और अन्य पहल भी जारी की जाएगी। पहले दिन के सेशन में डिस्कॉम की आर्थिक स्थिति में सुधार, बिजली वितरण में डिजिटल इंटेलिजेंस और स्मार्ट मीटर के डेटा का विश्लेषण जैसे विषय शामिल होंगे। इसके साथ ही बढ़ती बिजली की मांग के बीच निर्बाध और भरोसेमंद आपूर्ति बनाए रखने में नवीकरणीय ऊर्जा की भूमिका पर भी चर्चा होगी।