क्यूरेटेड डिजाइन और डेकोर एग्जीबिशन ‘नाईन डॉट स्क्वायर’ का चौथा संस्करण 10 से 12 अप्रैल 2026 तक राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित किया जाएगा। इस एग्जीबिशन का उद्देश्य उभरते और नए डिजाइनरों को मंच प्रदान करना तथा पारंपरिक शिल्प को आधुनिक डिजाइन के साथ जोड़कर कारीगरों, डिजाइनरों और आधुनिक उपभोक्ताओं के बीच सार्थक संबंध स्थापित करना है। अशोक क्लब में शुक्रवार को इस इवेंट का पोस्टर लॉन्च किया गया। इस आयोजन की जानकारी ‘नाईन डॉट स्क्वायर’ की फाउंडर व क्यूरेटर रितु खंडेलवाल और फाउंडर प्रमोटर रमेश अग्रवाल ने दी। इस अवसर पर फाउंडर प्रमोटर शालिनी अग्रवाल, को-क्यूरेटर सगुना वाधवा तथा कनिका खंडेलवाल और तन्वी खंडेलवाल भी मौजूद रहीं। रितु खंडेलवाल ने बताया कि इस चौथे संस्करण में विभिन्न श्रेणियों में बारीकी से क्यूरेटेड डिजाइन वर्क प्रदर्शित किए जाएंगे। इनमें फर्नीचर, सिरेमिक्स, डिजाइनर मिरर, फैब्रिक्स व फर्निशिंग्स तथा कलेक्टिबल आर्ट शामिल होंगे। इसके अलावा लैदर, बोन इनले, वुड और मेटल जैसे मटेरियल में उच्च गुणवत्ता वाले फर्नीचर के साथ पारंपरिक शिल्प जैसे मेटल रिपोस, मोची टाका एम्ब्रॉयडरी, तारकशी वर्क और स्टोन इनले को आधुनिक संदर्भ में नए रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। उन्होंने बताया कि एग्जीबिशन में लाइम-बेस्ड फिनिश में नए इनोवेशन, कंटेम्परेरी मिरर डिजाइन और आर्किटेक्ट्स व डिजाइनरों की ओर से तैयार किए गए डिजाइन इंस्टॉलेशन भी देखने को मिलेंगे। यहां आने वाले विजिटर्स प्रोडक्ट आधारित प्रदर्शनों के साथ-साथ स्पेस डिजाइन के नए प्रयोगों का भी अनुभव कर सकेंगे। वहीं रमेश अग्रवाल ने बताया कि इस वर्ष आयोजन का विशेष आकर्षण पारंपरिक कला अराईश को शामिल करते हुए तैयार किया गया सिरेमिक वर्क और एक आर्किटेक्ट द्वारा निर्मित मिनिएचर आर्किटेक्चरल मॉडल होगा, जो निर्माण और कारीगरी का अनूठा दृष्टिकोण प्रस्तुत करेगा। एग्जीबिशन के दौरान आर्ट थेरेपी गतिविधियां और डिजाइन व शिल्प पर आधारित वर्कशॉप्स भी आयोजित की जाएंगी, जिनमें विजिटर्स भाग लेकर शिल्प से जुड़ने का अनुभव प्राप्त कर सकेंगे। इन गतिविधियों का उद्देश्य लोगों को रचनात्मकता के माध्यम से बेहतर अनुभव प्रदान करना है।