जयपुर में बच्चों से चोरी करवाने वाला गिरोह सक्रिय है। गिरोह सब्जी मंडियों और हटवाड़ा जैसी भीड़भाड़ वाले इलाकों में बच्चों से चोरी करवाता था। जयपुर साउथ पुलिस ने “ऑपरेशन म्यूल हंटर” चलाकर कार्रवाई के दौरान महेश नगर थाना क्षेत्र में सब्जी मंडी में सक्रिय मोबाइल चोर गिरोह का पर्दाफाश किया गया।। वहीं ज्योति नगर में आईपीएल मैचों के दौरान भीड़ का फायदा उठाकर मोबाइल चोरी करने वाली गैंग का खुलासा किया गया है। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर 12 मोबाइल बरामद किए हैं। भीड़ में मोबाइल चुराते थे बच्चे डीसीपी साउथ राजर्षि राज ने बताया कि आरोपी भीड़भाड़ वाले जगहों पर जाकर कम उम्र के बच्चों से मोबाइल चोरी करवाते है। गिरोह अपने किसी परिचित ऑटो वाले को हॉट बाजार (हटवाडा) या भीड़ वाली जगह पर में खड़ा कर देते थे। उसके बाद में सभी भीड़भाड़ में घुस जाते और बच्चों को एक खाली थैला हाथ में थमा देते थे। बच्चा भीड़ का फायदा उठाकर लोगों की जेब से या साइड से मोबाइल निकाल लेता था। इसी तरह आईपीएल मैच के दौरान भी भीड़ में लोगों के मोबाइल चोरी करते थे। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक अभियुक्त को गिरफ्तार कर गैंग के अन्य सदस्यों के बारे में जांच जारी है। पूरी कार्रवाई में पुलिस थाना महेश नगर ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर, 7 मोबाइल बरामद किए। पुलिस थाना ज्योति नगर ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर 5 मोबाइल बरामद किए है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान दिलवर कुमार मंडल पुत्र भुर्जन लाल मंडल निवास मीना बाजार महाराजपुर थाना तलछाडी जिला साहिबगंज (झारखण्ड) हाल मकान न. 2/947 ए मालवीय नगर कच्ची बस्ती थाना मालवीय नगर जयपुर के रूप में हुई है। बरामद मोबाइलों की अनुमानित कीमत करीब 1.5 करोड़ रुपए जयपुर दक्षिण पुलिस की ओर से चलाए गए विशेष अभियान “आपका मोबाइल फिर से आपका” के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए CEIR पोर्टल और मोबाइल सेवा प्रदाताओं की तकनीकी सहायता से 430 गुमशुदा और चोरी हुए मोबाइल फोन बरामद किए गए। बरामद मोबाइलों की अनुमानित कीमत करीब 1.5 करोड़ रुपए बताई गई है। वहीं साइबर अपराध में संलिप्त बैंक खातों और अपराधियों पर कार्रवाई की गई। जयपुर साउथ में 15 मामले दर्ज कर 17 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि 31 संदिग्धों को बीएनएसएस के तहत हिरासत में लिया गया। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी किराये पर बैंक खाते लेकर साइबर ठगी की रकम ट्रांसफर करवाते थे। इन संदिग्ध खातों में करीब 2 करोड़ रुपये के लेन-देन का खुलासा हुआ है। पुलिस थाना श्याम नगर में दर्ज मामले में NCRP पोर्टल पर 53 शिकायतें दर्ज हैं, जबकि सोड़ाला थाना क्षेत्र में 41 शिकायतें दर्ज होना सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में कई आरोपियों को गिरफ्तार कर जांच शुरू कर दी है। जयपुर साउथ साइबर सेल ने साल 2026 में अप्रैल माह तक साइबर फ्रॉड से संबंधित शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए करीब 2.73 करोड़ रुपये की राशि होल्ड करवाई, जबकि 20.08 लाख रुपये पीड़ितों के खातों में वापस लौटवाए गए। जयपुर नॉर्थ पुलिस ने 590 मोबाइल फोन बरामद कर पीड़ितों को लौटाए जयपुर नॉर्थ पुलिस ने एक महीने में 590 मोबाइल फोन बरामद कर पीड़ितों को लौटाए हैं। बरामद किए गए एंड्रॉयड स्मार्टफोन और आईफोन की अनुमानित बाजार कीमत करीब 1.06 करोड़ रुपये है। डीसीपी नॉर्थ करण शर्मा ने बताया कि इसके साथ ही नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर दर्ज ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामलों में अब तक 4.88 करोड़ रुपए की राशि होल्ड करवाई गई, जबकि करीब 1.70 करोड़ रुपये पीड़ितों के बैंक खातों में वापस लौटाए जा चुके हैं। शेष राशि के रिफंड की प्रक्रिया जारी है। इसी दौरान पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर चलाए गए विशेष अभियान “म्यूल हंटर” के तहत विधाधर नगर, जालुपुरा और माणकचौक थानों में मामले दर्ज कर कुल 4 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों से 22 मोबाइल फोन, 5 लैपटॉप, लैपटॉप चार्जर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान जब्त किया गया। साथ ही 6 अन्य आरोपियों के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई भी की गई। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी फर्जी बैंक खातों और फर्जी मोबाइल सिम का इस्तेमाल कर साइबर ठगी की वारदातों को अंजाम दे रहे थे। जयपुर उत्तर पुलिस ने साइबर जागरूकता अभियान के तहत स्कूलों, कॉलेजों और आमजन के बीच विशेष कार्यक्रम आयोजित कर लोगों को साइबर अपराधों से बचाव के तरीके बताए। इस दौरान राजकॉप सिटीजन एप, CEIR पोर्टल, चक्षु पोर्टल और 1930 NCRP हेल्पलाइन के उपयोग के बारे में भी जानकारी दी गई।