जयपुर में प्रेग्नेंट महिला की मौत के बाद सिरसी रोड पर मेट्रोपॉलिटन हॉस्पिटल के बाहर रविवार सुबह परिजनों ने हंगामा किया। महिला को पेट दर्द की शिकायत पर हॉस्पिटल में भर्ती करवाया था। परिजनों का आरोप है कि इलाज के दौरान लापरवाही के कारण मौत हुई है। वैशाली नगर थाना पुलिस के 2 घंटे तक समझाने पर मामला शांत हुआ। SHO (वैशाली नगर) अरविंद सिंह ने बताया- खातीपुरा के चौधरी मार्केट निवासी सुमन देवी (27) की डेथ हुई है। वह करीब एक महीने की प्रेग्नेंट थी। पेट दर्द की शिकायत पर परिजनों ने शनिवार सुबह करीब 8 बजे उसे मेट्रोपॉलिटन हॉस्पिटल में एडमिट करवाया था। परिजनों के अनुसार, हॉस्पिटल स्टाफ की लापरवाही के चलते तबीयत बिगड़ने पर शाम करीब 4 बजे दूसरे प्राइवेट हॉस्पिटल में रेफर कर दिया। वहां से हालत गंभीर देखते हुए SMS हॉस्पिटल भेजा गया। SMS हॉस्पिटल में जांच के बाद सुमन को सांगानेरी गेट स्थित महिला चिकित्सालय रेफर कर दिया गया। वहां पहुंचने पर डॉक्टर्स ने उसे मृत घोषित कर दिया। इधर, मेट्रोपॉलिटन हॉस्पिटल के डायरेक्टर डॉ. दिलीप सिंह बेनीवाल का कहना है कि जब पेशेंट को रेफर किया था, तब तबीयत ठीक थी। अस्पतालों में इधर-उधर ले जाने के दौरान 5-6 घंटे खराब होने से हालत बिगड़ने से मरीज की मौत हो गई। परिजन बोले- हालत बिगड़ने पर 6 यूनिट ब्लड चढ़ाया परिजनों का आरोप है कि प्राइवेट हॉस्पिटल में हालत बिगड़ने के बाद वहां आनन-फानन में 6 यूनिट ब्लड चढ़ाया गया था। इसके बाद भी हालत में सुधार नहीं हुआ और तबीयत ज्यादा बिगड़ गई। ब्लड चढ़ाकर रेफर कर दिया था, तब तबीयत ठीक थी हॉस्पिटल के डायरेक्टर डॉ. दिलीप सिंह बेनीवाल का कहना है- पेशेंट सुमन ट्रीटमेंट के लिए आई थी। हीमोग्लोबिन कम होने के कारण ब्लड चढ़ाकर हमने शैलबी हॉस्पिटल रेफर कर दिया। एम्बुलेंस के जरिए वहां भेजने पर पेशेंट की तबीयत बिल्कुल ठीक थी। शैलबी में ऑपरेशन के लिए लिया गया। ऑपरेशन के पेमेंट अफोर्ड नहीं कर पाने के कारण परिजन पेशेंट को SMS हॉस्पिटल ले गए। महिला का केस होने के कारण SMS हॉस्पिटल से महिला चिकित्सालय भेज दिया गया। इधर-उधर ले जाने के दौरान 5-6 घंटे खराब होने के कारण मरीज की हालत बिगड़ने से मौत हो गई। 2 घंटे तक हंगामा, दोषियों को गिरफ्तार करने की मांग रविवार सुबह करीब 9 बजे परिजनों के साथ बड़ी संख्या में लोग मेट्रोपॉलिटन हॉस्पिटल के बाहर इकट्ठा हो गए। उन्होंने प्रदर्शन शुरू कर दिया। हंगामे की सूचना पर वैशाली नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। परिजनों ने इलाज में लापरवाही करने वाले दोषियों को गिरफ्तार करने की मांग की। साथ ही एक करोड़ का मुआवजा और सरकारी नौकरी की मांग भी रखी। पुलिस ने करीब 2 घंटे समझाइश कर दोपहर 11 बजे मामला शांत करवाया। सिविल लाइंस विधायक गोपाल शर्मा भी मौके पर पहुंचे थे। उन्होंने परिजनों को 25 लाख रुपए मुआवजे के लिए आश्वस्त किया है। सुमन के ससुर राजेश की शिकायत पर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया गया। सुमन का पति ओमप्रकाश ऑटोरिक्शा चलाता है। उसके डेढ़ और तीन साल के दो बच्चे हैं। … ये खबर भी पढ़ें…. जयपुर के आंच हॉस्पिटल में डेडबॉडी बदली,2 घंटे तक हंगामा:शव लेकर जा रहे परिवार को वापस बुलाया; दावा- हनुमान बेनीवाल के दखल के बाद FIR जयपुर में दुर्गापुरा के आंच हॉस्पिटल की लापरवाही से शनिवार सुबह दो डेडबॉडी बदल गई। एक परिवार जब बॉडी लेकर घर के लिए रवाना हो गया, तब हॉस्पिटल स्टाफ को बॉडी बदलने का पता लगा। उन्होंने नावां (डीडवाना-कुचामन) जा रहे परिवार को फोन कर वापस बुलाया। घटना से गुस्साए परिवार ने हॉस्पिटल के बाहर करीब दो घंटे तक हंगामा किया। (पूरी खबर पढ़ें)