राजस्थान के जयपुर में डॉक्टर की गिरफ्तारी के विरोध में चल रहा विवाद अब नए मोड़ पर पहुंच गया है। एक दिन की हड़ताल के बाद भले ही निजी अस्पतालों ने अपनी सेवाएं फिर से शुरू कर दी हैं, लेकिन डॉक्टरों ने एक अहम निर्णय लेते हुए फिलहाल राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (RGHS)के तहत किसी भी मरीज को भर्ती नहीं करने का ऐलान किया है। यह फैसला डॉ. सोमदेव बंसल की गिरफ्तारी के विरोध में लिया गया है, जिन पर आरजीएचएस में गड़बड़ी के आरोप लगे हैं। इस मामले को लेकर कोटा के भी निजी अस्पतालों के डॉक्टरों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। एक दिन की हड़ताल के बाद बुधवार सुबह से निजी अस्पतलों में ओपीडी सेवाएं फिर शुरू हो गई है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार अब जब तक आरजीएचएस से जुड़ी समस्याओं का समाधान नहीं होता, तब तक योजना के तहत मरीजों की भर्ती नहीं की जाएगी। आईएमए के अध्यक्ष दीपक गुप्ता ने बताया कि आरजीएचएस में कई तरह की अनियमितताएं हैं। छोटे और बड़े निजी अस्पताल लंबे समय से भुगतान में देरी, दवाओं की उपलब्धता में कमी और अन्य व्यवस्थागत समस्याओं से जूझ रहे हैं। उन्होंने सरकार से अपील की कि इन मुद्दों का जल्द समाधान किया जाए, ताकि मरीजों को बेहतर और पूरी सुविधाएं मिल सकें। डॉक्टरों का कहना है कि योजना का उद्देश्य भले ही लाभार्थियों को स्वास्थ्य सुविधाएं देना हो, लेकिन मौजूदा व्यवस्था में कई खामियां हैं, जिन्हें दूर करना बेहद जरूरी है। फिलहाल इस फैसले से आरजीएचएस के तहत इलाज कराने वाले मरीजों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। इधर, हड़ताल के चलते शहर में मंगलवार को पहले से निर्धारित लगभग 500 ऑपरेशन टालने पड़े।