उत्तर पश्चिम रेलवे के जयपुर मंडल ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में टिकट चेकिंग से कमाई में नया रिकॉर्ड बनाया है। इस दौरान मंडल ने 30 करोड़ 50 लाख रुपए की कमाई की, जो पिछले फाइनेंशियल ईयर के मुकाबले 8 करोड़ रुपए से ज्यादा है। लगातार मॉनिटरिंग, सरप्राइज चेकिंग और गहन निरीक्षण के चलते यह बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जयपुर मंडल की यह कमाई अन्य मंडलों के मुकाबले काफी ज्यादा रही। बीकानेर और जोधपुर मंडल जहां करीब 10-10 करोड़ रुपए की कमाई कर पाए। वहीं, जयपुर मंडल की आय इनसे लगभग तीन गुना रही। अजमेर मंडल के मुकाबले भी यह करीब डेढ़ गुना ज्यादा है। ट्रेनों में लगातार मॉनिटरिंग, सरप्राइज चेकिंग से राजस्व में बढ़ोतरी जयपुर मंडल के डीसीएम जगदीश चौधरी ने बताया- इस साल टिकट चेकिंग का टारगेट 27 करोड़ 41 लाख रुपए रखा गया था, जिसे फरवरी के मध्य में ही हासिल कर लिया गया था। पूरे साल में यह टारगेट से करीब 11 प्रतिशत ज्यादा की कमाई तक पहुंच गया। उन्होंने बताया- गरीब रथ, वंदे भारत और अन्य प्रीमियम ट्रेनों में सबसे ज्यादा इनकम दर्ज की गई। उन्होंने बताया- ट्रेनों में लगातार मॉनिटरिंग बढ़ाई गई, सरप्राइज चेकिंग की गई और बड़े स्टेशनों पर स्टाफ की तैनाती बढ़ाकर सघन जांच की गई। इसी के चलते बिना टिकट यात्रा करने वालों पर नियंत्रण हुआ और राजस्व में बढ़ोतरी हुई। उत्तर पश्चिम रेलवे की बात करें तो पूरे जोन ने टिकट चेकिंग से 74 करोड़ रुपए की कमाई की है। इसमें अकेले जयपुर मंडल का योगदान करीब 41 प्रतिशत रहा। जोन के चारों मंडल जयपुर, जोधपुर, बीकानेर और अजमेर मिलकर 70 करोड़ 87 लाख रुपए के टारगेट को पार कर चुके हैं। रेवेन्यू और पैसेंजर ग्रोथ में भी बढ़ोतरी सीनियर डीसीएम पूजा मित्तल ने बताया- फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में जयपुर मंडल का कुल रेवेन्यू टारगेट 2319.46 करोड़ रुपए था, जिसके मुकाबले 2372.08 करोड़ रुपए की कमाई की गई। यह टारगेट से 2.27 प्रतिशत ज्यादा है। उन्होंने बताया- हमारे यहां पैसेंजर्स की संख्या में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हमारा टारगेट 6 करोड़ 89 लाख पैसेंजर्स का था, जबकि 7 करोड़ 13 लाख पैसेंजर्स ने टिकट लेकर यात्रा की। पैसेंजर रेवेन्यू का टारगेट 1275 करोड़ रुपए था, जिसके मुकाबले 1337 करोड़ रुपए की कमाई हुई, जो 4.14 प्रतिशत ज्यादा है। टिकट चेकिंग का टारगेट 27 करोड़ 42 लाख रुपए था, जबकि 30 करोड़ 50 लाख रुपए की रिकॉर्ड कमाई की गई। नॉन-कन्वेंशनल सोर्सेज से भी बढ़ी आमदनी सीनियर डीसीएम ने बताया- मंडल ने नॉन-कन्वेंशनल सोर्सेज जैसे पार्किंग, पे एंड यूज और एडवरटाइजमेंट से भी टारगेट से ज्यादा कमाई की। 14 करोड़ 65 लाख रुपए के टारगेट के मुकाबले 17 करोड़ 3 लाख रुपए की आय हुई, जो करीब 16 प्रतिशत ज्यादा है। इस तरह जयपुर मंडल ने टिकट चेकिंग, पैसेंजर रेवेन्यू और अन्य स्रोतों में बेहतर परफॉर्मेंस के जरिए फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में कई स्तर पर रिकॉर्ड दर्ज किए हैं।