जयपुर के रामनिवास बाग से रियासतकालीन तीन चंदन के पेड़ चोरी होने के मामले में जिम्मेदारों पर कार्रवाई नहीं होने और 90 लाख रुपए का नुकसान नहीं वसूलने पर भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (CAG) ने गंभीर आपत्ति जताई है। कैग ने रामनिवास बाग से चोरी हुए चंदन के पेड़ों के मामले में जिम्मेदारों पर कार्रवाई करने और सिक्योरिटी एजेंसी से 90 लाख रुपए वसूलने और जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवई के आदेश दिए हैं। कैग ने इस पूरे मामले में मिलीभगत और कार्रवाई नहीं करने पर गंभीर सवाल उठाए हैं। कैग ने चंदन के पेड़ों की चोरी के मामले में लंबे समय तक कार्रवाई नहीं करने पर तल्ख टिप्प्णियां करते हुए अफसर कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय कर एक्शन लेने को कहा है। रामनिवास बाग से चोरी हुए रियासतकालीन चंदन के पेड़ों की सुरक्षा का जिम्मा सिक्योरिटी एजेंसी का था, वहां सुरक्षा गार्ड होने के बावजूद तीन पेड़ चोरी होने को कैग् ने मिलीभगत माना है। इस भारी लापरवाही के बावजूद सिक्योरिटी एजेंसी को बार-बार काम दिया गया। कैग रिपोर्ट में सिक्योरिटी एजेंसी को चोरी के लिए जिम्मेदार माना है। कैग ऑडिट में सामने आया चंदन पेड़ चोरी के मामले में लीपापोती का मामला कैग रिपोर्ट के अनुसार जेडीए मुख्यालय सहित जयपुर शहर में उसकी संपतियों की सुरक्षा का काम निजी सुरक्षा एजेंसियों से करवाता है। उपायुक्त (प्रशासन) ने ऑडिट के लिए उपलब्ध करवाई गई फाइलों की जांच में जयपुर के रामनिवास बाग परिसर में सावन-भादौ पार्क से रियासत कालीन चंदन के तीन बड़े बहुमूल्य पेड़ों की अवैध कटाई और चोरी किए जाने का मामला सामने आया। चंदन के पेड़ों की चोरी के लिए सिक्योरिटी कंपनी जिम्मेदार, शर्तों में साफ था चोरी या नुकसान हुआ तो भरपाई करनी होगी रामनिवास बाग परिसर की सुरक्षा के लिए सहारा एक्स-सर्विसमैन वेलफेयर कॉ-ऑपरेटिव सोसायटी लिमिटेड जयपुर को ठेका दिया गया था। 17 जून 2019 को इस कंपनी को एक साल के लिए काम दिया। शर्तों के अनुसार काम अच्छा होने पर इस अनुबंध अवधि को और बढ़ाया जा सकता था। अनुबंध की शर्त संख्या-8 के अनुसार जेडीए की किसी प्रोपर्टी की सरुक्षा के लिए गार्ड लगे होने के बावजूद चोरी, नुकसान होता है तो उसकी वसूली सुरक्षा एजेंसी से की जा सकेगी। अनुबंध की शर्त संख्या-10 में साफ उल्लेख है कि काम संतोषजनक नहीं होने पर कंपनी की सेवाएं तत्कल टर्मिनेट कर उसे ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है। दो पेड़ों के चोरी से कटाई होने के 7 महीने बाद तीसरा पेड़ काटकर ले गए, सुरक्षा पर कुछ नहीं किया सिक्योरिटी एजेंसी ने इस काम के लिए सुपरवाईजर सहित 30 सुरक्षाकर्मियों को नियुक्त किया गया। सिक्योरिटी एजेंसी के गार्ड लगे होने के बावजूद अनुबंध अवधि में रामनिवास बाग परिसर में लगे चंदन के दो पेड़ जुलाई 2019 में और एक पेड़ जनवरी 2020 में काटकर चोरी किया गया। इस चोरी के बारे में 26 जुलाई 2019 और 7 फरवरी 2020 को एफआईआर दर्ज करवाई गई। जेडीए अतिरिक्त आयुक्त ने सिक्योरिटी एजेंसी को जिम्मेदार माना था, नुकसान की भरपाई के बाद ही सिक्योरिटी डिपोजिट लौटाने की शर्त रखी कैग रिपोर्ट के अनुसार जेडीए के अतिरिक्त आयुक्त् ने 14 फरवरी 2020 को अपनी रिपोर्ट में चंदन के पेड़ चोरी होने के मामले में सहारा एजेन्सी के सुरक्षाकर्मी की मिलीभगत होने, सुरक्षाकर्मियों का काम संतोषप्रद नहीं होने और उन्हें काम से हटाने की सिफारिश की। इस रिपोर्ट के बाद जेडीए के वरिष्ठ उद्यानविज्ञ ने 5 मार्च 2020 को सहारा एजेंसी को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया। इस नोटिस में चंदन के पेड़ों की कीमत का सही आंकलन करके सुरक्षा एलजेंसी से उसकी भरपाई करने की सिफारिश की। चोरी हुए पेड़ों के नुकसान की वसूली के बाद ही कंपनी की सिक्योरिटी डिपोजिट लौटाने की रिपोर्ट दी थी। 17 जुलाई 2021 को जेडीए ने तीनो ंचंदन के पेड़ों के नुकसान की कीमत का आकलन करवाना प्रस्तावित किया। वन संरक्षक ने जांच में सिक्योरिटी एजेंसी और जेडीए इंस्पेक्टर को दोषी माना, पेड़ों की कीमत 90 लाख वन सरंक्षक ने अपनी रिपोर्ट में सिक्योरिटी एजेंसी और जेडीए इंस्पेक्टर को दोषी माना था। 1 फरवरी 2021 को वन संरक्षक ने पूरी घटना पर जेडीए को रिपोर्ट भेजी थी। जेडीए के वरिष्ठ उद्यान विज्ञ (Senior Horticulturist) ने चंदन की कीमत 10 हजार प्रति किलो का आकलन किया। 60 साल पुराने चोरी हुए चंदन के एक पेड़ की कीमत 30 लाख बताई गई, तीनों पेड़ों की कीमत 90 लाख रुपए होती है। यह नुकसान सिक्योरिटी एजेंसी से वसूलना था। कार्रवाई की सिफारिश के बावजूद बार बार कार्यकाल बढ़ाने पर कैग की आपत्ति कैग रिपोर्ट के अनुसार जेडीए के वरिष्ठ उद्यानविज्ञ ने 27 अक्टूबर 2021 को जांच रिपोर्ट में सहारा एक्स-सर्विसमैन वेलफेयर कॉ-ऑपरेटिव सोसायटी लिमिटेड के सुरक्षाकर्मियों पर नागरिकों से अवैध वसूली,समय पर सुपरवाईज नहीं लगाने, एजेन्सी के सुरक्षा कर्मियों की लापरवाही से रामनिवास बाग से चंदन के पेड़ों की अवैध कटाई होने के मामलों में इसके खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की थी। सिक्योरिटी कंपनी सहारा एक्स-सर्विसमैन वेलफेयर कॉ-ऑपरेटिव सोसायटी लिमिटेड को 17 जून 2019 से 16 जून 2020 तक काम दिया था, लेकिन गंभीर शिकायतों के बावजूद इसके ठेके की अवधि को बार बार बढ़ाया गया। यह शर्तों का साफ उल्लंघन है। --- ये खबर भी पढ़ें परकोटे में और गोविंद मार्ग पर जाम से निजात मिलेगी:रामनिवास बाग पार्किंग से रामलीला मैदान तक सब-वे, व्यापारी सीधे परकोटे में निकलेंगे रामनिवास बाग भूमिगत पार्किंग में वाहन खड़ा कर अब सड़क क्रॉस करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। जेडीए भूमिगत पार्किंग से ही सीधे सब-वे निकालने की तैयारी कर रहा है। जेडीसी सिद्धार्थ महाजन ने गुरुवार को रामनिवास बाग और पार्किंग का निरीक्षण किया। इस दौरान सड़क पर ट्रैफिक दबाव और पार्किंग करने के बाद सड़क क्रॉस करने में आ रही परेशानी को देखते हुए अधिकारियों को सब-वे बनाने के लिए रिपोर्ट बनाने के निर्देश दिए। (पूरी खबर पढ़ें)