अजमेर में जयपुर रोड स्थित RTO कार्यालय को गुरुवार को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद हड़कंप मच गया। आरटीओ की आधिकारिक ईमेल आईडी पर भेजे गए धमकी भरे मेल में ईमेल भेजने वाले ने परिसर में 7 RDX और जहरीली सायनाइड गैस होने का दावा किया था। जानकारी के अनुसार, धमकी भरा ईमेल सुबह 5 प्राप्त हुआ, लेकिन उसे 9 घंटे बाद दोपहर 2 बजे पढ़ा गया। सूचना मिलते ही पुलिस, सीआईडी, डॉग स्क्वायड और डिजास्टर मैनेजमेंट की टीम मौके पर पहुंची। सर्च ऑपरेशन में पूरे परिसर की बारीकी से जांच की गई, लेकिन कोई संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक बरामद नहीं हुआ। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम में सबसे बड़ा सवाल सुरक्षा व्यवस्था पर खड़ा हुआ है। धमकी भरा ईमेल सुबह 5 बजे आरटीओ की ऑफिशियल मेल आईडी पर पहुंच गया था, लेकिन अधिकारियों ने इसे दोपहर 2 बजे देखा। जबकि मेल में कार्यालय को दोपहर 1:10 बजे उड़ाने का अल्टीमेटम दिया गया था। यानी जब तक मेल पढ़ा गया, धमकी में दिया गया समय निकल चुका था। बिजली और नेटवर्क का हवाला, देर से खुला मेल एडिशनल आरटीओ प्रकाश टहल्यानी ने बताया कि ईमेल सुबह करीब 5 बजे आया था। कार्यालय में बिजली और नेटवर्क की समस्या के कारण समय पर मेल एक्सेस नहीं हो सका। दोपहर करीब 2 बजे जब मेल चेक किया गया तो धमकी की जानकारी मिली। इसके बाद तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों और पुलिस को सूचना दी गई। धमकी मिलने के बाद डीटीओ राजीव शर्मा ने तुरंत एसपी कार्यालय को सूचना दी। आरटीओ में रोजाना बड़ी संख्या में लोग अपने वाहन संबंधी कार्यों के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में किसी भी तरह का जोखिम नहीं लेते हुए पूरे परिसर को तत्काल खाली कराया गया। कर्मचारियों को बाहर निकालकर चलाया सर्च ऑपरेशन सिविल लाइंस थाना प्रभारी शंभू सिंह ने बताया कि सूचना मिलते ही डीएसपी (जोन प्रथम), सिविल लाइंस थाना पुलिस, सीआईडी, डॉग स्क्वायड और डिजास्टर मैनेजमेंट की टीमें मौके पर पहुंचीं। सुरक्षा के मद्देनजर कर्मचारियों और आम लोगों को कार्यालय से बाहर निकाला गया। इसके बाद डेढ़ से दो घंटे तक भवन और परिसर के चप्पे-चप्पे की तलाशी ली गई। जांच के दौरान कोई विस्फोटक या संदिग्ध सामग्री नहीं मिली। मेल में धार्मिक अपमान का जिक्र प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि धमकी भरे मेल में खुद को एक कथित इस्लामिक संगठन से जुड़ा बताया गया है। मेल में पैगंबर मोहम्मद साहब के कथित अपमान का बदला लेने की बात लिखी गई है। फिलहाल पुलिस इस दावे की सत्यता की भी जांच कर रही है। जांच एजेंसियां ई-मेल की तकनीकी पड़ताल कर रही हैं और यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि मेल किस आईपी एड्रेस और किस सर्वर से भेजा गया। पहले भी मिल चुकी हैं धमकियां अजमेर में इससे पहले भी दरगाह, कलेक्ट्रेट और डाक विभाग को बम से उड़ाने की धमकियां मिल चुकी है। अधिकांश मामलों में जांच के बाद धमकियां फर्जी साबित हुई है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां हर बार किसी भी सूचना को गंभीरता से लेते हुए पूरी जांच करती है।