सड़क पर वाहनों का एक्सीलेटर थोड़ा और दबाने की जल्दबाजी महंगी पड़ रही है। जयपुर में पिछले 15 दिन में डीसीपी ट्रैफिक योगेश गोयल की टीमें 22,400 ओवरस्पीड वाहनों का चालान कर चुकी हैं। यानी हर 54 सेकंड में एक ओवरस्पीड वाहन का चालान हो रहा है। वाहनों की सबसे ज्यादा ओवरस्पीड दोपहर 12 से शाम चार बजे तक और सुबह के समय होती है, जब सड़कें सुनसान रहती हैं। कई वाहनों के तो ओवरस्पीड के कई चालान हो चुके हैं। जयपुर कमिश्नरेट ने गत 180 दिन में परिवहन विभाग को 55,232 वाहन चालकों के लाइसेंस सस्पेंड करने के लिए कहा है। इनमें से 19,943 लाइसेंस तीन से छह माह के लिए सस्पेंड किए गए। यह स्थिति चिंता बढ़ाती है, क्योंकि राजस्थान में सड़क हादसों की सबसे बड़ी वजह भी ओवरस्पीडिंग है। सबसे ज्यादा ओवरस्पीड बस व ट्रक चल रहे शहर के बाहरी इलाके अजमेर रोड, आगरा रोड, सीकर रोड व कालवाड़ रोड पर बस व ट्रक सबसे ज्यादा ओवरस्पीड में चल रहे हैं। जेएलएन मार्ग, टोंक रोड, पिंजरापोल गोशाला व विजय द्वार पर ओवरस्पीड निगरानी के कैमरे लगे हैं। रात 10 बजे से सुबह 7 बजे तक हर दूसरा वाहन ओवरस्पीड गुजर रहा है। 80 ट्रक व बसों के 2270 चालान पेंडिंग; ट्रैफिक पुलिस ने 80 ट्रक व बसों को पकड़ा, जिनके 2270 चालान पेंडिंग थे। साथ ही 30 कारें पकड़ीं। इनके 140 चालान पेंडिंग थे। सबसे ज्यादा चालान लोक परिवहन की बसें व डंपरों के थे। यातायात पुलिस की ओर से नियमों की पालना नहीं करने वाले वाहनों के खिलाफ अभियान चलाकर दो जुलाई से कार्रवाई की जा रही है।