जयपुर में 22 साल के युवक ने खुद के ही किडनैपिंग की झूठी कहानी रची। AI से किडनैपिंग के फोटो और वीडियो बनाकर परिजनों को वॉट्सएप पर भेजे। फिर 7 लाख रुपए की फिरौती मांगी। युवक ने बताया कि मौज-शौक के लिए उसने दोस्तों से कर्ज लिया था। उसे चुकाने के लिए किडनैपिंग की झूठी कहानी रची। युवक 26 अक्टूबर को गायब हुआ था। पुलिस ने शुक्रवार को उसे ऋषिकेश से पकड़ा। डीसीपी (वेस्ट) प्रशांत किरण ने बताया- भांकरोटा इलाके में रहने वाले 22 साल के युवक की किडनैपिंग की जीजा ने रिपोर्ट दर्ज हुई थी। शिकायत में बताया गया कि मेरा साला सॉफ्टवेयर कंपनी में इंजीनियर है। जो एक खास प्रोजेक्ट पर काम कर रहा था। इसका प्रोजेक्ट को लेने के लिए अज्ञात लोगों ने उसका किडनैप कर लिया है। किडनैपिंग का पता चलने पर पुलिस ने तुरंत टीमों को रवाना किया। पुलिस टीमों ने रूट मैप तैयार कर CCTV फुटेजों को खंगाला। जयपुर, मथुरा, उज्जैन, दिल्ली, हल्द्वानी, नैनीताल, हरिद्वार और ऋषिकेश में 200 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों को खंगाला गया। ऋषिकेश में घूमता मिला किडनैप युवक को ढूंढते हुए पुलिस टीम ऋषिकेश पहुंची। शुक्रवार सुबह युवक ऋषिकेश में लक्ष्मण झूला के पास घूमते मिला। पुलिस टीम के पकड़ पूछताछ करने पर उसने खुद के ही किडनैपिंग की झूठी साजिश का खुलासा किया। कर्ज चुकाने के लिए मांगी फिरौती पूछताछ में युवक ने बताया कि किडनैप कर बंधक बनाकर रखने और हॉस्पिटल में एडमिट कराने की झूठी फोटोज और वीडियोज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जनरेट कर परिवारवालों को विश्वास दिलाने के लिए भेजी। किडनैपर्स से छुड़वाने के बदले 7 लाख रुपए की फिरौती की डिमांड की।