जैसलमेर के सनावड़ा गांव में एक सोलर कंपनी (ACME Solar Holdings) की बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) में 3 दिन पहले भीषण आग लगने का मामला सामने आया है। आग प्लांट के बैटरी स्टोरेज सिस्टम में लगी, जिसके बाद बैटरियों में एक के बाद एक तेज धमाके होने लगे। धमाकों की आवाज से पूरे परिसर में अफरा-तफरी मच गई और कर्मचारी व सुरक्षाकर्मी जान बचाकर बाहर निकल आए। हादसे में बैटरी मॉड्यूल सहित अन्य महंगे उपकरण जलकर नष्ट हो गए। नुकसान का आकलन किया जा रहा है। कंपनी प्रबंधन की ओर से हादसे की सूचना पुलिस को नहीं दी गई। घटना के तीन दिन बाद शुक्रवार को इसका वीडियो सामने आने के बाद प्रशासन को इसकी जानकारी मिली, जिसके बाद सांकड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। थाना प्रभारी रणसिंह सोढ़ा ने बताया कि सोशल मीडिया के जरिए सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस टीम को मौके पर भेजा गया। टीम आग लगने के कारणों, प्लांट में अपनाए गए सुरक्षा मानकों और हुए नुकसान की जांच कर रही है। फिलहाल आग लगने के वास्तविक कारणों का खुलासा नहीं हुआ है। शुरुआती जांच में घटना 13- 14 जुलाई को होने की आशंका है। हालांकि कंपनी की ओर से जारी आधिकारिक बयान में दावा किया है कि BESS कंटेनर को कोई नुकसान नहीं हुआ है। आग से केवल चार पावर कन्वर्ज़न सिस्टम (PCS) प्रभावित हुए थे, ऐसे में आग पर काबू पा लिया गया है। पहले देखिए घटना से जुड़ी 2 तस्वीरें दूसरी कॉमर्शियल यूनिट के शुरू होने से 3 दिन पहले हादसा
सनावड़ा और मेहर नगर क्षेत्र में स्थापित यह ग्रिड-स्केल बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम ACME Solar Holdings की सहायक कंपनी एक्मे सूर्योदय प्राइवेट लिमिटेड द्वारा विकसित किया गया है। परियोजना के पहले चरण में 240.72 मेगावाट (MW) / 481.44 मेगावाट-घंटा (MWh) क्षमता का कॉर्मिशियल संचालन जून के अंतिम सप्ताह में शुरू हुआ था। इसके बाद 110.33 मेगावाट (MW) / 220.67 मेगावाट-घंटा (MWh) क्षमता की दूसरी इकाई का कॉर्मिशियल संचालन 17 जुलाई से शुरू होना था। ग्रिड-स्केल BESS का उद्देश्य सौर ऊर्जा को संग्रहित कर जरूरत के समय बिजली ग्रिड को उपलब्ध कराना है, जिससे बिजली आपूर्ति निर्बाध जारी रहे। लेकिन दूसरी इकाई के संचालन से ठीक पहले बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम में आग लग गई। थाना प्रभारी रणसिंह सोढ़ा के अनुसार, मामले में फिलहाल जनहानी की सूचना नहीं है। कारणों की जांच की जा रही है। कंपनी का दावा- BESS कंटेनर को कोई नुकसान नहीं
हालांकि कंपनी प्रबंधन ने एक बयान जारी किया है। जिसमें कहा कि राजस्थान के पोखरण स्थित ACME सूर्योदय BESS (बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम) परियोजना में 13 BESS कंटेनरों के क्षतिग्रस्त होने का दावा किया गया है। यह दावा पूरी तरह गलत है।
वास्तव में, IGBT/शॉर्ट सर्किट के कारण लगी एक स्थानीयकृत आग से केवल चार पावर कन्वर्ज़न सिस्टम (PCS) प्रभावित हुए हैं। इस घटना में किसी भी BESS कंटेनर को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। हमारी इन-हाउस फायर सेफ्टी टीम ने स्थापित सुरक्षा प्रोटोकॉल के अनुसार तुरंत कार्रवाई करते हुए आग पर नियंत्रण पा लिया।
कुल मिलाकर, इस घटना से होने वाला राजस्व नुकसान महत्वपूर्ण नहीं है और इसका अनुमान लगभग 20 लाख रुपए लगाया गया है। क्षतिग्रस्त उपकरणों को उपलब्ध स्पेयर पार्ट्स की मदद से एक सप्ताह के भीतर बहाल किए जाने की प्रक्रिया जारी है।