जैसलमेर के गुरुद्वारा साध संगत परिसर में पिछले कई दिनों से घूम रहे जहरीले कोबरा सांप का सोमवार को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। सांप की आवाजाही से गुरुद्वारे में आने वाले श्रद्धालुओं और आसपास के लोगों में डर बना हुआ था। रविवार को कोबरा बाथरूम में दिखाई दिया था और नाली के रास्ते निकल गया था। सोमवार सुबह दोबारा गुरुद्वारे के बाहर दिखने पर स्नेक कैचर साहिल खान ने कब्रिस्तान से उसे पकड़कर आबादी से दूर सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया। बाथरूम में दिखा, नाली के रास्ते निकल गया स्थानीय सेवादारों ने बताया कि गुरुद्वारा साध संगत परिसर में पिछले कई दिनों से एक बड़ा कोबरा दिखाई दे रहा था। इससे यहां आने वाली संगत के लोगों में डर था। रविवार सुबह एक व्यक्ति गुरुद्वारे के बाथरूम की तरफ गया तो वहां कोबरा छुपा हुआ मिला। सांप दिखने के बाद तुरंत स्नेक कैचर साहिल खान को सूचना दी गई। वह मौके पर पहुंचे और कोबरा को पकड़ने की कोशिश की, लेकिन सांप पीछे बनी नाली के रास्ते निकल गया और वहां से गायब हो गया। सोमवार को फिर दिखा, कब्रिस्तान में मिला रविवार को हाथ से निकलने के बाद सोमवार सुबह एक बार फिर गुरुद्वारे में मौजूद एक व्यक्ति की नजर कोबरा पर पड़ी। इस बार वह गुरुद्वारा परिसर से बाहर की तरफ जा रहा था। सेवादारों ने फिर से स्नेक कैचर साहिल खान को मौके पर बुलाया। साहिल खान ने पहुंचकर सांप की गतिविधियों पर नजर रखी और उसका पीछा किया। जांच में पता चला कि कोबरा गुरुद्वारे के पास बने कब्रिस्तान में जाकर छुप गया था। स्थानीय लोगों के अनुसार, यही कब्रिस्तान उसका ठिकाना था। वह वहीं छुपकर रहता था और मौका मिलने पर गुरुद्वारे में आ जाता था। सुरक्षित रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ा गुरुद्वारे में हर समय श्रद्धालुओं और बच्चों की आवाजाही रहती है। ऐसे में कोबरा की वजह से किसी भी समय बड़ा हादसा होने का खतरा बना हुआ था। इसे देखते हुए स्नेक कैचर साहिल खान ने कब्रिस्तान में सावधानी से सर्च किया और आखिरकार कोबरा का सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया। कोबरा के पकड़े जाने के बाद गुरुद्वारा प्रबंधन और आसपास के लोगों ने राहत की सांस ली। स्नेक कैचर साहिल खान ने बताया कि कोबरा को किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचाया गया। रेस्क्यू के बाद उसे इंसानी आबादी से काफी दूर घने और सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया गया।