जैसलमेर के सम और कनोई क्षेत्र में धोरों पर पर्यटन गतिविधियों को लेकर वन विभाग के एक पत्र से रिसोर्ट संचालकों में भ्रम की स्थिति बन गई। संचालकों को लगा कि सभी धोरों पर सूर्यास्त के बाद ऊंट सफारी, पर्यटकों की एंट्री और लेजर लाइट के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। हालांकि, वन विभाग के रेंजर अस्कर अली ने स्पष्ट किया कि ये प्रतिबंध केवल डेजर्ट नेशनल पार्क (DNP) की तय सीमा में आने वाले धोरों पर लागू हैं। लक्खमना जैसे DNP की सीमा से बाहर के पर्यटन क्षेत्रों में यह नई रोक लागू नहीं है। वन विभाग के पत्र से फैला भ्रम कार्यालय क्षेत्रीय वन अधिकारी (पर्यटन वन्यजीव, जैसलमेर) की ओर से 11 अक्टूबर 2026 को होटल यूनियन को भेजे गए पत्र में राष्ट्रीय मरु उद्यान अभयारण्य क्षेत्र में कचरा फैलाने, लेजर लाइट का इस्तेमाल करने और सूर्यास्त के बाद सैंड ड्यून्स पर पर्यटन गतिविधियां संचालित करने पर रोक की पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए थे। पत्र में बताया गया कि कुछ रिसोर्ट्स से निकलने वाला कचरा अभयारण्य क्षेत्र में डाला जा रहा है। पर्यटक भी धोरों पर घूमते समय गंदगी फैला रहे हैं। इससे वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास, उनके व्यवहार और पर्यावरण पर बुरा असर पड़ रहा है। रात में लेजर लाइट के इस्तेमाल और सूर्यास्त के बाद धोरों पर पर्यटकों की एंट्री व ऊंट सफारी जैसी गतिविधियों पर रोक की सख्ती से पालना कराने के निर्देश भी दिए गए थे। रेंजर बोले- DNP की सीमा में आने वाले धोरों पर ही रोक रेंजर अस्कर अली ने बताया कि वन विभाग के निर्देश डेजर्ट नेशनल पार्क की सीमा में आने वाले धोरों के संरक्षण और वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए हैं। इन निर्देशों को सभी पर्यटन क्षेत्रों पर लागू मानना सही नहीं है। DNP की सीमा से बाहर लक्खमना जैसे क्षेत्रों में, जहां सामान्य पर्यटन गतिविधियां संचालित होती हैं, वहां इस पत्र के जरिए कोई नई रोक नहीं लगाई गई है। रिसोर्ट संचालक बोले- नियमों की पालना कर रहे हैं रिसोर्ट संचालक मयंक भाटिया ने बताया - पर्यावरण और वन्यजीवों की सुरक्षा से जुड़े नियम पहले से लागू हैं। जिम्मेदार पर्यटन कारोबारी लंबे समय से इनकी पालना करते आ रहे हैं। धोरों पर कचरा फैलाने और स्वच्छता से जुड़ी शिकायतों को लेकर होटल एसोसिएशन और रिसोर्ट संचालक गंभीर हैं। वे समय-समय पर स्वच्छता अभियान चलाते हैं। साथ ही, कचरा फैलाने या नियमों का उल्लंघन करने वाले संचालकों को पाबंद करने में प्रशासन का सहयोग भी करेंगे।