जैसलमेर में श्री ब्रह्मक्षत्रिय खत्री समाज की कुलदेवी मां हिंगलाज की आराधना को समर्पित वार्षिक हिंगलाज महोत्सव गुरुवार को अत्यंत हर्षोल्लास और भव्य शोभायात्रा के साथ आरंभ हो गया। भादवा सुदी त्रयोदशी के पावन अवसर पर आयोजित इस पारंपरिक महोत्सव में इस बार समाज की अभूतपूर्व एकजुटता, आस्था और सांस्कृतिक वैभव का अनुपम संगम देखने को मिला। हर साल की तरह इस बार भी ऐतिहासिक लौद्रवा स्थित प्राचीन हिंगलाज मंदिर में मुख्य मेले का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें भाग लेने के लिए देश के कोने-कोने से हजारों की संख्या में समाज बंधु जैसलमेर पहुंचे हैं। प्रथम चरण में शहर में निकली शोभायात्रा महोत्सव के प्रथम चरण में गुरुवार को शहर के हनुमान चौराहे से एक विशाल एवं भव्य शोभायात्रा रवाना हुई, जिसका मार्ग में जगह-जगह पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया। शोभायात्रा में शामिल ऊंट-घोड़ों पर सवार युवा, मंगल कलश लिए महिलाएं और देवी-देवताओं की सजीव झांकियां मुख्य आकर्षण का केंद्र रहीं। इसके बाद, समाज बंधुओं ने गांधी कॉलोनी स्थित मंदिर में महाआरती कर प्रसादी ग्रहण की और महोत्सव के दूसरे चरण में लौद्रवा स्थित प्राचीन हिंगलाज मंदिर की ओर प्रस्थान किया। दूसरे चरण में लौद्रवा प्रस्थान, आयोजित होंगी विभिन्न प्रतियोगिताएं महोत्सव के दूसरे चरण में समाज के हजारों बंधुओं ने सपरिवार लौद्रवा स्थित प्राचीन हिंगलाज मंदिर की ओर प्रस्थान किया। खत्री समाज के अध्यक्ष सत्यनारायण दड़ा ने बताया कि लौद्रवा परिसर में समाज द्वारा हर साल की तरह इस बार भी विभिन्न खेलकूद प्रतियोगिताएं, पारंपरिक सांस्कृतिक कार्यक्रम और समाज की होनहार प्रतिभाओं का सम्मान व अभिनंदन समारोह आयोजित किया जाएगा। इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में हिंगलाज मंडल, एकता मंडल और महिला मंडल के कार्यकर्ताओं ने दिन-रात एक कर कड़ी मेहनत की, जिसकी समाज के वरिष्ठ जनों ने सराहना की है।