जैसलमेर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने पहल पर ‘ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूजडे’ अभियान के तहत न्यायिक अधिकारी स्कूलों में पहुंचे। बच्चों को साइबर क्राइम और उनसे बचने के तरीके बताए। स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में सचिव व सीजेएम विजेंद्र कुमार ने विद्यार्थियों को साइबर ठगी से बचाव के उपाय बताए, साथ ही कहा कि छात्रों की शिकायतों के लिए लगाए गए कंप्लेंट बॉक्स को हर तीन दिन में खोला जाएगा और उन पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। कैसी भी शिकायत हो, मिलेगा कानूनी समाधान बच्चों की शिकायतों का सीधा समाधान किया जा सके इसके लिए उन्होंने स्कूल में 'शिकायत पेटिका' भी रखवाई। इसे अगले तीन दिनों तक स्कूल में रखा जाएगा। स्टूडेंट्स बिना किसी डर के अपनी कोई भी परेशानी, चाहे वह साइबर अपराध से जुड़ी हो या अन्य कोई कानूनी समस्या हो, पेटी में डाल सकते हैं। जज विजेंद्र कुमार ने बच्चों को भरोसा दिलाया कि इस पेटी में मिलने वाली हर समस्या का तुरंत समाधान किया जाएगा। बुजुर्गों को भी बताएं, अनजान लिंक–ओटीपी न खोलें CJM विजेंद्र कुमार ने कहा - आज मोबाइल और इंटरनेट का उपयोग सावधानी से करना बहुत जरूरी है। उन्होंने बच्चों से कहा कि वे घर के बुजुर्गों और तकनीकी बातों को कम समझने वाले लोगों को भी सावधान करें। हर तीन दिन में शिकायत पेटी खोली जाएगी तीन दिन बाद इस पेटिका को प्राधिकरण द्वारा ले जाया जाएगा। इसमें प्राप्त होने वाली हर वैध शिकायत का गंभीरता से अध्ययन कर उसका त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। बच्चों की गोपनीयता का पूरा सम्मान रखा जाएगा। सचिव विजेंद्र कुमार ने कहा कि आज तकनीक से सुविधा तो मिली है, लेकिन इसके जोखिम भी बहुत हैं। खासकर सोशल मीडिया पर बच्चों, बुजुर्गों को स्कैम फंसाना इनके लिए सबसे आसान है। बच्चों से कहा अपना कर्तव्य भी निभाएं साइबर अपराध के अलावा, CJM ने बच्चों को उनके मौलिक अधिकारों और कर्तव्यों के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का उद्देश्य समाज के हर वर्ग को सुलभ और सस्ता न्याय दिलाना है। यदि किसी बच्चे या उसके परिवार को कानूनी सहायता की जरूरत है, तो वे सीधे प्राधिकरण के कार्यालय आ सकते हैं। प्रिंसिपल और स्टाफ ने इस पहल की तारीफ करते हुए कहा कि ऐसे शिविरों से विद्यार्थियों में कॉन्फिडेंस आता है और वे साइबर क्राइम के प्रति पहले से तैयार रहते हैं।