जैसलमेर में बरसाती मौसम में नगर परिषद ने जर्जर और खतरनाक स्थिति में पहुंच बिल्डिंग के मालिकों को तत्काल सुरक्षात्मक कदम उठाने के सख्त निर्देश दिए हैं। आयुक्त लाजपाल सोढा ने साफ किया है कि यदि कोई मकान मालिक या कब्जेदार इन आदेशों की पालना करने में विफल रहता है। नगर परिषद राजस्थान नगरपालिका अधिनियम 2009 की धारा 243 के तहत उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करेगी। ढहाने का खर्च भी मालिकों से वसूला जाएगा। 5 से 6 घर चिन्हित, भेजे नोटिस आयुक्त लजपालसिंह सोढ़ा के अनुसार, नगर परिषद की टीम ने हाल ही में शहर का सर्वे कर ऐसे 5 से 6 मकानों को चिन्हित किया है, जो पूरी तरह ढहने की कगार पर हैं। इन भवनों के स्वामियों को परिषद की ओर से आधिकारिक नोटिस जारी कर दिए गए हैं। ये भवन न सिर्फ इनमें रहने वालों, बल्कि आस-पड़ोस के लोगों और वहां से गुजरने वाले राहगीरों के लिए भी बड़ा खतरा बने हुए हैं। परिषद ढहाएगी मकान, मालिक से वसूली आयुक्त ने हिदायत दी है कि जो भवन ध्वस्त हालत में हैं, मकान मालिक उन्हें तुरंत खुद ही गिरा दें या समयबद्ध तरीके से उनकी आवश्यक मरम्मत करवाकर सुरक्षित कर लें। उन्होंने कड़े शब्दों में चेतावनी दी कि यदि मालिकों ने तय समय सीमा में इन जर्जर मकानों को नहीं हटवाया, तो नगर परिषद खुद इन्हें ध्वस्त करने की कार्रवाई करेगी। इस पूरी कार्रवाई में आने वाला जितना भी प्रशासनिक और मजदूरी का खर्च होगा, वह संबंधित मकान मालिक से ही वसूला जाएगा। धारा 243 के तहत होगी कार्रवाई नगर परिषद प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मानसून के दौरान जर्जर दीवारों या छतों के गिरने से जान-माल का नुकसान होने की आशंका सबसे अधिक रहती है। ऐसे में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नोटिस की अवधि समाप्त होने के बाद परिषद बिना किसी पूर्व सूचना के ध्वस्तीकरण का अभियान शुरू कर देगी। प्रशासन ने आमजन से भी अपील की है कि वे अपने आस-पास के किसी भी खतरनाक भवन की सूचना तुरंत परिषद कार्यालय को दें।