राजस्थान में पारा चढ़ते ही गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। जैसलमेर की भीषण गर्मी और हीट वेव को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने महात्मा गांधी नरेगा योजना के तहत काम करने वाले श्रमिकों को बड़ी राहत दी है। जिला कलेक्टर एवं जिला कार्यक्रम समन्वयक अनुपमा जोरवाल ने एक ऑफिशियल ऑर्डर जारी कर नरेगा कार्यों के समय में बदलाव किया है। नया टाइमिंग और शेड्यूल नए आदेश के अनुसार, अब नरेगा श्रमिकों को चिलचिलाती धूप में काम नहीं करना होगा। जिले में नरेगा कार्यों का समय अब सुबह 6 बजे से दोपहर 1 बजे तक निर्धारित किया गया है। खास बात यह है कि इस 7 घंटे की शिफ्ट में अब कोई अलग से रेस्ट पीरियड (विश्राम काल) नहीं होगा। यह नई व्यवस्था 15 जुलाई 2026 तक या अगले आदेश तक लागू रहेगी। टास्क पूरा तो घर जाने की छूट कलेक्टर ने श्रमिकों के लिए एक और कंडीशन रखी है जो उनके लिए फायदेमंद है। यदि कोई श्रमिक समूह अपने अलॉट किए गए टास्क को समय से पहले पूरा कर लेता है और उसकी एंट्री मस्टररोल में हो जाती है, तो वह समूह का मुखिया साइन करके समय से पहले भी कार्यस्थल छोड़ सकता है। इससे श्रमिकों को जल्दी काम निपटाकर धूप से बचने में मदद मिलेगी। साइट पर मिलेंगी जरूरी सुविधाएं प्रशासन ने सभी एग्जिक्यूटिंग एजेंसीज (कार्यकारी एजेंसियों) को सख्त निर्देश दिए हैं कि कार्यस्थल पर गर्मी से बचाव के पुख्ता इंतजाम हों। नरेगा साइट्स पर श्रमिकों के लिए छाया, ठंडा पानी और मेडिकल किट जैसी बेसिक सुविधाएं अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाएंगी। जिला परिषद के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे रेगुलर मॉनिटरिंग करें ताकि श्रमिकों को इस गर्मी में कोई परेशानी न हो।