जैसलमेर में बुधवार को तेज बारिश हुई। बारिश के बीच हाल ही में 140 करोड़ रुपए की लागत से पुनर्विकसित रेलवे स्टेशन की छत से पानी बहने का वीडियो भी सामने आया। स्टेशन प्रशासन ने बताया कि ड्रेनेज पाइप में रुकावट आने के कारण यह समस्या हुई थी, जिसे तुरंत ठीक कर लिया गया। मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो-तीन दिनों तक जैसलमेर में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी। जिले के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। विभाग का कहना है कि ठंडी हवाएं चलने से तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को उमस से राहत मिलेगी। 10.2 मिमी बारिश से राहत, पोकरण भी तरबतर मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जैसलमेर में बुधवार को कुल 10.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। शहर के हनुमान चौराहा समेत प्रमुख इलाकों में तेज बारिश हुई। पोकरण में भी करीब 20 दिनों के लंबे इंतजार के बाद अच्छी बारिश दर्ज की गई। भणियाणा, रासला, सांकड़ा और आसपास के ग्रामीण इलाकों में तेज धूलभरी आंधी के बाद बादलों ने जमकर मेहरबानी दिखाई। इस बारिश को खरीफ की बुवाई की आस लगाए बैठे किसानों और पशुपालकों के लिए संजीवनी माना जा रहा है। रेलवे स्टेशन की छत से बहा पानी, प्रशासन ने दी सफाई बारिश के दौरान 140 करोड़ रुपये की लागत से बने जैसलमेर रेलवे स्टेशन की छत से तेज रफ्तार पानी बहने का एक वीडियो सामने आया। चूंकि इस स्टेशन का वर्चुअल उद्घाटन हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था, इसलिए बारिश के पानी का यह वीडियो आते ही लोगों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाने शुरू कर दिए। हालाँकि, जैसलमेर रेलवे स्टेशन के अधीक्षक पंकज कुमार झा ने स्थिति पर स्पष्टीकरण देते हुए बताया कि बारिश के कारण छत का ड्रेनेज पाइप चोक हो गया था। उन्होंने कहा, "जैसे ही पानी बहने की जानकारी मिली, हमने तुरंत कर्मचारियों को भेजकर जांच करवाई। पाइप में कचरा फंसने के कारण पानी रुका था। कर्मचारी द्वारा पाइप की सफाई करते ही स्थिति पूरी तरह सामान्य हो गई।" मौसम का पूर्वानुमान मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दो-तीन दिनों तक क्षेत्र में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी तथा कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। ठंडी हवाओं के चलने से आगामी दिनों में तापमान में गिरावट आएगी और उमस से राहत बनी रहेगी।