जैसलमेर के सम स्थित एक रिसोर्ट में शॉर्ट सर्किट से आग लगने के बाद बीमा कंपनी ने नुकसान के मुकाबले आधा क्लेम मंजूर कर दिया। अब जिला उपभोक्ता आयोग ने सर्वे में लापरवाही और क्लेम राशि मनमाने ढंग से घटाने को सेवा में गंभीर लापरवाही माना। यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी को 65,812 रुपए का क्लेम 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित चुकाने का आदेश दिया है। साथ ही 15 हजार रुपए मानसिक प्रताड़ना और 3 हजार रुपए परिवाद खर्च भी देने होंगे। अब पढ़िए… सिलसिलेवार घटनाक्रम 1. शॉर्ट सर्किट से कॉटेज में लगी आग, लाखों का नुकसान आयोग के निजी सचिव सुधांश सोनी ने बताया कि सम स्थित मैसर्स रॉयल रिसोर्ट एंड कैंप के एक कॉटेज में 20 जनवरी 2025 को शॉर्ट सर्किट से भीषण आग लग गई थी। आग में टेंट के अंदर रखा फर्नीचर, एसी, एलईडी टीवी, बेड, गद्दे सहित अन्य सामान पूरी तरह जल गया। इस हादसे में रिसोर्ट संचालक को करीब 2 लाख 80 हजार रुपए का नुकसान हुआ। घटना के तुरंत बाद सम थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई। 2. 64 हजार का प्रीमियम भरा, फिर भी आधा क्लेम मंजूर किया रिसोर्ट संचालक ने अक्टूबर 2024 से 2025 तक की अवधि के लिए 64,419 रुपए प्रीमियम देकर बीमा पॉलिसी ली थी। आग लगने के बाद कंपनी को सूचना देकर सर्वे कराने का अनुरोध किया गया। आरोप है कि बीमा कंपनी के सर्वेयर ने मौके पर पहुंचकर एकतरफा सर्वे रिपोर्ट तैयार की और नुकसान का आकलन काफी कम कर दिया। इसके आधार पर कंपनी ने केवल 32,761 रुपए का क्लेम मंजूर किया। जब सर्वे रिपोर्ट मांगी गई तो पता चला कि वास्तविक नुकसान की तुलना में काफी कम राशि दिखाई गई थी। 3. आयोग ने क्लेम राशि ब्याज सहित देने का आदेश दिया जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष पवन कुमार ओझा और सदस्य रमेश कुमार गौड़ की पीठ ने सुनवाई के दौरान माना कि बीमा कंपनी ने सर्वे में मनमानी की और उपभोक्ता के अधिकारों की अनदेखी की। इसे सेवा में गंभीर कमी मानते हुए आयोग ने कंपनी को 65,812 रुपए का क्लेम 24 जून 2025 से भुगतान की तिथि तक 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित देने का आदेश दिया। इसके अलावा 15 हजार रुपए मानसिक प्रताड़ना और 3 हजार रुपए परिवाद व्यय के रूप में भी देने होंगे। आयोग ने 45 दिन में भुगतान करने के निर्देश दिए हैं। तय समय में भुगतान नहीं करने पर पूरी राशि पर 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज देना होगा।