मानसून की रफ्तार बढ़ने के साथ ही राजस्थान में बारिश का दौर भी तेज होने लगा है। लेट आए मानसून ने आधे राजस्थान को कवर कर लिया है। उदयपुर में शनिवार को तेज बारिश हुई। कोटा शहर में रात को 15 मिनट और जिले के मंडाना में 30 मिनट तक बारिश हुई। जैसलमेर शहर में शाम को तेज हवा के साथ हुई बारिश से शहर की मुख्य सड़कों पर पानी बहने लगा। शहर की गांधी कॉलोनी में तेज हवा से एक घर की छत पर लगा सोलर पैनल टूटकर सड़क पर गिर गया, जिसकी चपेट में आने से गाय की मौत हो गई। जिले के रामदेवरा में भी आधे घंटे तक बरसात हुई। जोधपुर जिले के बालेसर कस्बे में शनिवार शाम करीब 7 बजे आंधी के साथ तेज बारिश हुई। इस दौरान दुकानों पर लगे टिन शेड उड़कर हाईवे पर जा गिरे। सीएचसी में पेड़ टूटकर गिर गया। इधर, अलवर में रूपारेल नदी उफान पर है। कई गांवों का रास्ता बंद हो गया है। डूंगरपुर जिले में शुक्रवार रात को मूसलाधार बारिश से सड़कें दरिया बन गईं। पानी के बहाव में स्कूटी और बाइक बह गई। कई कॉलोनियों में पानी भर गया। 5 जुलाई को झालावाड़, चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़, बांसवाड़ा, डूंगरपुर और उदयपुर में बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, जैसलमेर और बीकानेर को छोड़कर पूरे राजस्थान में बारिश का यलो अलर्ट जारी है। अब देखिए- राजस्थान में बारिश की PHOTOS… प्रदेश में बारिश की स्थिति…. मानसून के बड़े अपडेट्स सीकर के पलसाना में 33MM बारिश: पिछले 24 घंटों में सीकर के पलसाना में 33MM, सवाई माधोपुर के चौथ का बरवाड़ा में 28MM, उदयपुर के पास सलूंबर में 18MM, झालड़ा में 11MM, प्रतापगढ़ के दलोत में 16MM बारिश दर्ज हुई। इसके अलावा झुंझुनूं के नवलगढ़ में 12MM, झालावाड़ के झालरापाटन में 28MM, हनुमानगढ़ के भादरा में 16MM और उदयपुर शहर में 11MM बारिश दर्ज की गई। पश्चिमी राजस्थान में पारा 43 डिग्री तक पहुंचा: राज्य के पश्चिमी जिलों में गर्मी का असर तेज रहा। यहां सबसे जैसलमेर में सबसे ज्यादा 42.9 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। इसके अलावा बीकानेर में 42.4 डिग्री, गंगानगर और बाड़मेर में 41.6 डिग्री, फलोदी में 41.2 डिग्री, चूरू में 39.8 डिग्री, फतेहपुर में 38.5 डिग्री, पिलानी में 37.5 डिग्री, हनुमानगढ़ में 37.6 डिग्री, दौसा में 37.3 डिग्री और झुंझुनूं में 37.1 डिग्री तापमान दर्ज हुआ। बंगाल की खाड़ी में लो-प्रेशर सिस्टम बना: मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया- बंगाल की खाड़ी और उससे सटे ओडिशा तट पर एक 'वेल-मार्क्ड लो-प्रेशर सिस्टम' (कम दबाव का क्षेत्र) बना हुआ है। साथ ही, मानसून ट्रफ राजस्थान के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से से होकर गुजर रही है। इसके प्रभाव से राज्य के जयपुर, भरतपुर, कोटा, उदयपुर और अजमेर संभाग के कुछ भागों में आगामी 5-7 दिनों तक मानसून सक्रिय रहने और अधिकांश क्षेत्रों में बारिश होने की संभावना है। इस दौरान पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी भागों में कहीं-कहीं भारी से अति भारी बारिश भी हो सकती है। मानसून का पल-पल का अपडेट जानने के लिए लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…