जैसलमेर के चूंधी गांव में 23 साल की विवाहिता समिता की गुरुवार को संदिग्ध मौत के बाद मामला बढ़ गया है। उसका शव ससुराल में फंदे से लटका मिला, जिसके बाद शव को जवाहिर हॉस्पिटल की मोर्चरी में रखा गया। भणियाणा से पहुंचे पीहर पक्ष ने हत्या का आरोप लगाते हुए पोस्टमार्टम से इनकार कर दिया और कार्रवाई की मांग पर धरने पर बैठ गए। पुलिस मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराने की बात कर रही है। परिजनों का कहना है कि समिता के शरीर पर चोट के निशान और सूजन है, जो हत्या की ओर इशारा करते हैं। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराने की बात कही, लेकिन परिजनों ने इससे साफ इनकार कर दिया है। फिलहाल, मृतका के परिवारजन और ग्रामीण मोर्चरी के बाहर धरने पर बैठ गए हैं। उनकी मांग है कि जब तक आरोपियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं होती, वे पोस्टमार्टम नहीं करवाएंगे। कोतवाली पुलिस परिजनों को समझाने का प्रयास कर रही है, लेकिन गतिरोध अब भी बरकरार है। परिजनों ने मोर्चरी के बाहर किया हंगामा चूंधी गांव में एक विवाहिता (23) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतका समिता (पुत्री ओमाराम) का शव ससुराल में फंदे से लटका मिला, जिसके बाद क्षेत्र में सनसनी फैल गई। मृतका के दो छोटे बच्चे हैं और उसकी शादी 2018 में तरुण राम के साथ हुई थी। घटना की सूचना मिलते ही भणियाणा क्षेत्र से मृतका के पीहर पक्ष के लोग जिला अस्पताल पहुंचे। शुक्रवार को जवाहिर चिकित्सालय की मोर्चरी के बाहर भारी भीड़ जमा रही। परिजनों ने ससुराल पक्ष पर हत्या का सीधा आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। शरीर पर चोट के निशानों से गहराया शक पीहर पक्ष का दावा है कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या है। उन्होंने बताया कि समिता के चेहरे पर सूजन थी और हाथों व शरीर के अन्य हिस्सों पर चोट के गहरे निशान दिखाई दे रहे थे। उन्हें समिता के देवर ने फोन कर मौत की सूचना दी थी, लेकिन मौके के हालात सुसाइड जैसे नहीं थे। पुलिस का पक्ष- पोस्टमार्टम के बाद कारणों का होगा खुलासा थानाधिकारी कोतवाली, सुरजाराम जाखड़ ने बताया- मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम के लिए डॉक्टरों की टीम गठित की गई है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा। परिजनों की शिकायत के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।