जल जीवन मिशन घोटाले में एसीबी को एक ओर बड़ी सफलता हाथ लगी है। एसीबी की टीम ने दिल्ली एयरपोर्ट से संजय बड़ाया को हिरासत में लिया है। जिसके बाद उन्हें जयपुर लाया जा रहा है। संजय बड़ाया थाईलेंड शादी समारोह में गया था, लौटने के दौरान दिल्ली एयरपोर्ट से हिरासत में लिया गया। जांच एजेंसियों के अनुसार, संजय बड़ाया इस मामले में कथित तौर पर बिचौलिए की मुख्य भूमिका में था और उस पर पूर्व मंत्री महेश जोशी के करीबी के रूप में काम करने के आरोप हैं। विदेश जाने की आशंका को देखते हुए एसओजी ने उसके खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी कराया था। मामले में तीन आरोपी अभी भी फरार है। 960 करोड़ रुपये के इस बहुचर्चित मामले में महेश जोशी को 7 मई को गिरफ्तार किया गया था। अदालत ने उन्हें 11 मई तक एसीबी रिमांड पर भेजा था। इससे पहले 9 अप्रैल को तत्कालीन अतिरिक्त मुख्य सचिव रहे सुबोध अग्रवाल की भी गिरफ्तारी हो चुकी है और वे फिलहाल जेल में हैं। आज एसीबी कोर्ट में पेश होंगे जोशी हालांकि जोशी ने फर्जीवाड़े के संबंध में फाइल नीचे अधिकारियों से उनके पास पहुंचना बताया, जिसे उन्होंने एप्रूव की। घूस की रकम के संबंध में उन्होंने इनकार कर दिया। रिमांड अवधि पूरी होने के बाद सोमवार को जोशी को एसीबी कोर्ट में पेश किया जाएगा। दोष सिद्ध हुआ तो होगी 10 साल की जेल एसीबी की चार्जशीट और प्रारंभिक जांच के आधार पर यह संकेत मिल रहे हैं कि यदि इस मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दोष सिद्ध होता है, तो पूर्व जलदाय मंत्री महेश जोशी और सेवानिवृत्त आईएएस सुबोध अग्रवाल सहित अन्य आरोपियों को अधिकतम 10 वर्ष तक के कठोर कारावास की सजा हो सकती है। 11 मई तक रिमांड पर जोशी बहुचर्चित 960 करोड़ रुपए के जल जीवन मिशन (जेजेएम) घोटाले में पिछली कांग्रेस सरकार में जलदाय मंत्री रहे महेश जोशी को एसीबी ने 7 मई को उनकी शादी की सालगिरह के दिन गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद मेडिकल टेस्ट की प्रक्रिया पूरी की गई और एसीबी अदालत में पेश किया गया था। अदालत ने महेश जोशी को 11 मई तक एसीबी रिमांड पर भेज दिया था। इससे पहले इसी मामले में जलदाय विभाग के तत्कालीन अतिरिक्त मुख्य सचिव रहे सुबोध अग्रवाल की 9 अप्रेल को गिरफ्तारी हो चुकी है। अभी वे जेल में है।