जालोर शहर के किले में हजरत शहीद ख्वाजा मीरा मलिक शाह की दरगाह में गुरुवार को उर्स मनाया गया। उर्स की शुरुआत असर की नमाज के बाद निशान और चादर पेश करने की रस्म के साथ हुई। ईशा की नमाज के बाद 'महफिल-ए-मिलाद शरीफ' का आयोजन हुई। इसमें शहर के उलेमाओं ने शिरकत की और पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब की शान में नात-ए-रसूल पेश किए। साथ ही उनके बताए नेक रास्तों और अखलाक (व्यवहार) पर रोशनी डाली। कव्वाली की महफिल में झूमे जायरीन सूफियाना रंग में डूबी कव्वाली की महफिल में कव्वाल नुसरत कादरी (कपासन) ने कौमी एकता पर आधारित बेहतरीन कलाम पेश किए। कव्वाली सुन जायरीन झूम उठे। वहीं आस्ताना पगड़ीबंध कव्वाल इरफान तुफैल एंड पार्टी (जोधपुर) ने अपने खूबसूरत अंदाज में सूफियाना कलाम पेश किया। दरगाह कमेटी के अध्यक्ष आसिफ खोखर ने बताया- यह उर्स धार्मिक आस्था का केंद्र है। प्रेम और भाईचारे का प्रतीक भी है। यहां जालोर जिले सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में जायरीन पहुंचे। जिनके लिए लंगर की माकूल व्यवस्था की गई। यह रहे मौजूद इस अवसर पर नवाब खान सिलावट, मुजावर हुसैन, कुरेश शाकिर अली, सैयद मुस्ताक, मेहर माजिद मलिक, जावेद मेवाती, वाजिद अली, अशफाक खान, आदम, नाहिद अली, इमरान अली, मोहसिन खान, कलीम नागौरी सहित बड़ी संख्या में महिला व पुरुष जायरीन उपस्थित रहे।