श्री नगर में 2017 से 2022 तक 22 सैन्य ऑपरेशन के दौरान ग्रेनेड से घायल होने के बावजूद जैश ए मोहम्मद के तीन आतंकवादी समेत 50 से ज्यादा आतंकियों को मार गिराने वाले टोंक के CRPF जवान खुशीराम चौधरी (35) पुत्र नंदाराम चौधरी, को गुरुवार को दिल्ली में वीरता पदक से सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार CRPF के डायरेक्टर जनरल ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने प्रदान किया। इस सम्मान की घोषणा 26 जनवरी 2025 को गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने की थी। परिवार के साथ खुशी का पल आज सम्मान समारोह में जवान खुशीराम चौधरी के माता-पिता, पत्नी, बेटी और भाई मौजूद थे। पुरस्कार मिलने के बाद चौधरी और उनके परिवार के सदस्य भावुक हो गए और उनकी आंखें भर आईं। टोंक जिले के खलीलपुरा पापड़ा गांव निवासी 35 वर्षीय खुशीराम चौधरी 2014 में राजस्थान के केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) में भर्ती हुए। वर्तमान में CRPF जवान खुशीराम चौधरी महाराष्ट्र के गढ़ चिरौली में पोस्टेड हैं । चौधरी ने अपनी पहली पोस्टिंग दिसंबर 2014 में श्रीनगर में प्राप्त की, जहां उत्कृष्ट सेवाकार्य के चलते 2017 में उन्हें 28 बटालियन विशेष ऑपरेशन वेलिक्विट में शामिल किया गया। जवान खुशीराम चौधरी श्री नगर में 2017 से 2022 तक 22 सैन्य ऑपरेशन में शामिल होकर जैश ए मोहम्मद के तीन आतंकवादी समेत 50 से ज्यादा आतंकवादी मारे थे। इसमें भी सबसे बहादुरी भरा कार्य 30 दिसंबर 2021 को जम्मू में आतंकवादियों से मुठभेड़ों के दौरान उन्हें ग्रेनेड लगने के बावजूद उन्होंने पाकिस्तान के खूंखार आतंकी रजाक आई उर्फ अब्दुल राशिद गाजी, उसके साथी अब्दुल लखामन उर्फ हजमा, सोइल अहमद राठर को मारा था। राष्ट्रपति वीरता पुरस्कार का चयन इस खतरनाक ऑपरेशन में उनकी बहादुरी को देखते हुए राष्ट्रपति वीरता पुरस्कार के लिए उनका चयन किया गया था। यह ऐलान पिछले साल 26 जनवरी 2025 को दिल्ली में गणतंत्र दिवस पर किया गया था। गुरुवार को उन्हें सम्मानित किया गया। नक्सलियों को सरेंडर करने पर मजबूर किया गत साल तक जवान चौधरी छत्तीसगढ़ के बीजापुर क्षेत्र में नक्सलवाद प्रभावित इलाके में तैनात थे। यहां भी उन्होंने कई नक्सलियों को सरेंडर करने पर मजबूर किया । खुशीराम चौधरी ने बताया कि वीरता पदक मिलने के बाद उनका और उनके परिवार का उत्साह बढ़ गया है।