जसोल में पीएम श्रीमती सुआ देवी भंसाली राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक स्कूल और राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल में तीन दिवसीय योग एवं ध्यान शिविर लगा। ये शिविर श्री राणी भटियाणी मंदिर संस्थान, जसोल के सौजन्य से आर्ट ऑफ लिविंग के वरिष्ठ प्रशिक्षक स्वामी परमानंद के सानिध्य में संपन्न हुआ। इसमें छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और स्कूल परिवार ने योग, प्राणायाम, ध्यान, सुदर्शन क्रिया तथा भारतीय जीवन मूल्यों पर आधारित प्रेरणादायी सत्रों में भाग लिया। इस अवसर पर श्री राणी भटियाणी मंदिर संस्थान, जसोल के प्रवक्ता एवं समिति सदस्य हरिशचंद्र सिंह जसोल भी उपस्थित रहे। उन्होंने छात्रों एवं टीचर्स का उत्साहवर्धन करते हुए योग एवं ध्यान की महत्ता पर अपने विचार व्यक्त किए। अपने संबोधन में स्वामी परमानंद ने कहा कि योग एवं ध्यान स्वस्थ शरीर, शांत मन और संतुलित जीवन का आधार हैं। उन्होंने बताया कि नियमित अभ्यास से आत्मविश्वास, एकाग्रता, स्मरणशक्ति, अनुशासन एवं सकारात्मक सोच का विकास होता है। उन्होंने विद्यार्थियों से योग एवं ध्यान को अपनी दैनिक दिनचर्या का अभिन्न अंग बनाने का आह्वान किया। हरिशचंद्र सिंह जसोल ने कहा कि भारत की सनातन संस्कृति ने विश्व को योग एवं ध्यान जैसी अमूल्य धरोहर प्रदान की है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, नैतिक मूल्यों के संवर्धन, आत्मविश्वास, अनुशासन एवं राष्ट्रभावना के विकास के लिए ऐसे शिविर अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने यह भी कहा कि योग, प्राणायाम एवं ध्यान का नियमित अभ्यास छात्रों को शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक रूप से सशक्त बनाता है और उन्हें जागरूक, संस्कारित एवं उत्तरदायी नागरिक बनने की प्रेरणा देता है। उन्होंने आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक परम पूज्य गुरुदेव रविशंकर द्वारा विश्वभर में शांति, मानवीय मूल्यों एवं तनावमुक्त जीवन के लिए किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए पूज्य स्वामी परमानंद के प्रति आभार व्यक्त किया। उल्लेखनीय है कि आर्ट ऑफ लिविंग की स्थापना वर्ष 1981 में परम पूज्य गुरुदेव रविशंकर द्वारा की गई थी। संस्था योग, सुदर्शन क्रिया, ध्यान एवं मानवीय मूल्यों पर आधारित कार्यक्रमों के माध्यम से विश्वभर में तनावमुक्त एवं हिंसा-मुक्त समाज के निर्माण की दिशा में कार्य कर रही है। स्कूलों में आयोजित शिविर से पूर्व पूज्य स्वामी परमानंद ने श्री राणी भटियाणी मंदिर संस्थान, जसोल के आमंत्रण पर संस्थान में प्रवास किया। इस दौरान संस्थान के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए हैप्पीनेस प्रोग्राम एवं सहज समाधि ध्यान कार्यक्रम आयोजित किए गए। प्रशिक्षण में सुदर्शन क्रिया, प्राणायाम, ध्यान तथा तनाव प्रबंधन की प्रभावी विधियों का अभ्यास कराया गया, जिससे कर्मचारियों को मानसिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा एवं कार्यकुशलता विकसित करने का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। श्री राणी भटियाणी मंदिर संस्थान, जसोल के सहयोग से आयोजित इस त्रिदिवसीय योग एवं ध्यान शिविर का उद्देश्य छात्रों, शिक्षकों एवं संस्थान के कर्मचारियों में स्वस्थ जीवनशैली, मानसिक संतुलन, नैतिक मूल्यों एवं आध्यात्मिक चेतना का विकास करना रहा। कार्यक्रम के समापन पर छात्रों, शिक्षकगण एवं कर्मचारियों ने नियमित रूप से योग एवं ध्यान का अभ्यास करने तथा स्वस्थ, अनुशासित एवं संस्कारित जीवन अपनाने का संकल्प व्यक्त किया।