जवाहर सर्किल थाना इलाके में युवती से अभद्रता करने वाले राहुल उर्फ राज की जांच में नए-नए राज खुल रहे हैं। राहुल ग्वालियर के बिजौली थाने का हिस्ट्रीशीटर है। इसके खिलाफ बिजौली थाने में लूट, डकैती, हथियार सप्लाई के 17 मामले दर्ज हैं। यह तीन साल पहले जयपुर में फरारी काटने आया था। इस दौरान रामनगरिया थाना पुलिस ने इसे लूट के एक मामले में गिरफ्तार किया था। तब ग्वालियर पुलिस ले गई थी। बाद में फिर जयपुर में रहकर हथियार सप्लाई कर रहा था। इसके बावजूद पुलिस की नजर में नहीं आया। यहां तक की पिछले एक माह से चल रहे एरिया डोमिनेशन अभियान में भी पुलिस ने इसे नहीं उठाया। इधर, एसआईटी अब तक आरोपी के थाने आने की जांच पूरी नहीं कर पाई है। पनाहगाह 3 गुनहगार; पहला, किराए पर मकान देने वाला मालिक... दूसरा, स्पा में नौकरी देने वाला संचालक... तीसरी, हमारी पुलिस... आरोप एक- हिस्ट्रीशीटर का वैरिफिकेशन न किया ना करवाया... 2023 में MP में डकैती कर पहली बार जयपुर आया जवाहर सर्किल थाने ने पहले भी ‘मनचले’ को छोड़ा जवाहर सर्किल थाना पुलिस की कार्यशैली सवालों में है। 26 मार्च को पीड़िता ने थाने में शिकायत दी थी। केस दर्ज नहीं किया गया। पुलिस ने तभी सीसीटीवी कैमरों से आरोपी की पहचान कर ली थी। मामले में जांच अधिकारी हैड कांस्टेबल अंगदराम मीणा और घटना के समय ड्यूटी ऑफिसर रहे एएसआई महेश चंद को निलंबित कर दिया गया है। वहीं, 8 अप्रैल की रात को घर के बाहर टहल रही महिला के साथ अश्लील इशारे करने वाले सेक्टर-3 निवासी मानसिंह को स्थानीय लोगों ने पकड़ कर जवाहर सर्किल थाना पुलिस के हवाले कर दिया था। थाने के निलंबित हैड कॉन्स्टेबल के पास जांच थी। उसने मानसिंह को शांति भंग में पकड़ा। अगले दिन जमानत हो गई। मामला मीडिया में आया तो मानसिंह की तलाश शुरू की। घर से फरार मानसिंह मशक्कत के बाद पकड़ा गया। सवाल उठना वाजिब है कि हमारी पुलिस बेटियों से छेड़छाड़ के मामलों को गंभीरता से नहीं लेती, जबकि जयपुर में निर्भया स्क्वॉड और कालिका टीम में महिला पुलिसकर्मी फील्ड में रहती हैं।