विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन ग्रामीण के तहत रोजगार नहीं मिलने पर राजस्थान असंगठित मजदूर यूनियन के नेतृत्व में गुरुवार को जवाजा में मजदूरों ने प्रदर्शन किया। जल संसाधन विभाग की पाल से रैली निकली। रैली मुख्य बाजारों से होकर पंचायत समिति कार्यालय पहुंची। यहां सभा हुई। विकास अधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया। प्रधानमंत्री के नाम भी ज्ञापन दिया गया। यूनियन अध्यक्ष शंकर सिंह ने कहा कि मनरेगा मजदूरों के लंबे संघर्ष से मिला कानूनी अधिकार है। नई व्यवस्था में रोजगार मांगने के बाद भी काम नहीं मिल रहा। यह गंभीर चिंता का विषय है। शीघ्र रोजगार नहीं मिला तो आंदोलन पूरे जिले में फैलाया जाएगा। केंद्रीय कार्यकारिणी सदस्य श्रावणी देवी ने कहा कि रोजगार की गारंटी तभी सार्थक होगी जब पंचायत स्तर पर ईमानदारी से पालन हो। उन्होंने दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की। सभी पात्र मजदूरों को तत्काल रोजगार देने की मांग रखी। सभा के बाद यूनियन की जवाजा शाखा की नई कार्यकारिणी का सर्वसम्मति से चुनाव हुआ। रसीला देवी अध्यक्ष चुनी गईं। सविता देवी उपाध्यक्ष बनीं। विमला देवी सचिव चुनी गईं। सीता देवी सह सचिव बनीं। मोना देवी कोषाध्यक्ष चुनी गईं। कांता देवी, डाली देवी, नौसर देवी, रेखा देवी, चुनी देवी, रघुवीर, लीला देवी, संतोष, पूजा देवी, शीला देवी, चेंट देवी, नौजी देवी, ललिता देवी, इंद्रा देवी, मैना देवी, सुखदेवी, चंद्रा देवी, पुष्पा देवी, रोशन देवी, लाली देवी को कार्यकारिणी सदस्य चुना गया। कार्यक्रम में मजदूर किसान शक्ति संगठन के कार्यकर्ता शामिल हुए। विभिन्न संस्थानों से आए प्रशिक्षुओं ने भी भाग लिया। मंच संचालन कनिका मालावत, विमला देवी ने किया। प्रतिनिधिमंडल ने पंचायत समिति जवाजा के विकास अधिकारी बलराम मीणा को विभिन्न ग्राम पंचायतों की शिकायतों के ज्ञापन सौंपे। विकास अधिकारी ने जांच कर शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन दिया। प्रधानमंत्री के नाम दिए ज्ञापन को संबंधित स्तर पर भेजने का भरोसा भी दिया। यूनियन सचिव मुकेश निर्वासित ने कहा कि वीबी जीरामजी लागू होने के बाद रोजगार नहीं मिलने की शिकायतें बढ़ रही हैं। पंचायत स्तर की अनियमितताओं पर तत्काल कार्रवाई हो। मनरेगा को फिर मजबूत किया जाए। मजदूरों के अधिकारों पर हमला जारी रहा तो पूरे राजस्थान में व्यापक जनआंदोलन किया जाएगा। जवाजा शाखा की नव-निर्वाचित सचिव विमला देवी ने कहा कि 15 दिनों में सभी शिकायतों का समाधान नहीं हुआ, मजदूरों को रोजगार नहीं मिला, दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो पंचायत समिति जवाजा के बाहर फिर धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा।