जायल उपखंड मुख्यालय पर गुरुवार को प्रशासन ने एक मॉक ड्रिल का आयोजन किया। इसका उद्देश्य 132 केवी उपचौकी पर हवाई हमले जैसी आपातकालीन स्थिति में विभिन्न विभागों की तैयारियों का आकलन करना था। पुलिस कंट्रोल रूम को डीडवाना रोड स्थित 132 केवी उपचौकी पर हवाई हमले की सूचना मिली, जिसके बाद हूटर बजाया गया। सूचना मिलते ही पुलिस, एसडीआरएफ, फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। अग्निशमन दल ने उपचौकी में लगी आग पर काबू पाया। वहीं, चिकित्सा विभाग और एसडीआरएफ की टीमों ने चार 'घायलों' को बचाया और उन्हें उप जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उनका उपचार किया। इस दौरान उपखंड अधिकारी रजत चौधरी, पुलिस उप अधीक्षक खेमाराम बिजारिणीया और तहसीलदार विजय बाजिया मौके पर मौजूद रहे। अतिरिक्त जिला कलेक्टर चम्पालाल जीनगर ने बताया कि इस मॉक ड्रिल का उद्देश्य दुश्मन के अचानक हमले और आपातकालीन स्थितियों में बचाव व राहत अभियान चलाने की क्षमता और टीमों की तैयारी का मूल्यांकन करना था। उपखंड अधिकारी रजत चौधरी ने जानकारी दी कि 132 केवी उपचौकी पर हमले और आग लगने की सूचना पर सभी अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे और घायलों को बाहर निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस उप अधीक्षक खेमाराम बिजारिणीया ने बताया कि पुलिस सुरक्षा कक्ष से मिली सूचना के बाद उच्च अधिकारियों को सूचित किया गया, सड़क को वन-वे किया गया और घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया।