जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) में अब आमजन अपनी लंबित फाइलों की पूरी स्थिति ऑनलाइन देख सकेंगे। इसके तहत अधिकारी-कर्मचारियों को अब हर फाइल पर की जाने वाली टिप्पणी (नोटिंग) भी ऑनलाइन पोर्टल पर दिखानी होगी। यह व्यवस्था इसलिए लागू की जा रही है ताकि फाइलों को अनावश्यक रूप से लंबित रखने या टालने की प्रवृत्ति पर रोक लगाई जा सके। नई व्यवस्था के तहत आवेदक यह जान सकेगा कि उसकी फाइल में क्या कमी है और किन नियमों की पालना नहीं होने के कारण उसका काम अटका हुआ है। जेडीए सचिव ने मंगलवार को आदेश जारी कर छह प्रकार की फाइलों की पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन करने के निर्देश दिए हैं। इन कामों की फाइल अपलोड होगी सचिव की ओर से जारी आदेशों के मुताबिक अगर कोई आवेदक अपनी जमीन या मकान का ई-पट्टा (फ्री होल्ड या लीज डीड), नाम ट्रांसफर, उपविभाजन (सब डिविजन), रिकॉन्स्टीट्यूशन (पुनर्गठन), वन टाइम लीज सर्टिफिकेट (OTLC) के लिए आवेदन करता है। उन सभी फाइलों को SSO आईडी के जरिए जेडीए के सर्विस पोर्टल के डेशबोर्ड पर अपलोड किया जाएगा। नोटिंग का बताना होगा कारण इन फाइलों पर कोई भी अधिकारी या कर्मचारी अगर कोई अनावश्यक या अन्य नोटिंग करता है। उस टिप्पणी के पीछे का सही कारण बताना होगा। अधिकारी-कर्मचारी से बताएगा कि किन नियमों के तहत ये टिप्पणी की गई है। नोटिंग की भाषा स्पष्ट और सरल होनी चाहिए, ताकि आवेदक को ये समझ आ सके कि उसके द्वारा आवेदन में कहां कमी रखी गई है। किन नियमों के तहत उसके आवेदन का निस्तारण अटका है या नहीं हो पा रहा है। हर नोटिंग डेशबोर्ड पर दिखेगी अब तक ऑनलाइन के साथ-साथ फाइलें ऑफलाइन भी चलती थीं, जिसके कारण कई बार अनावश्यक टिप्पणियों के जरिए फाइलें रोक दी जाती थीं। इससे आवेदकों को बार-बार जेडीए के चक्कर लगाने पड़ते थे। लेकिन अब फाइल के हर मूवमेंट और नोटिंग को जेडीए सर्विस पोर्टल के डैशबोर्ड पर अपलोड करना अनिवार्य होगा, ताकि आवेदक पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन ट्रैक कर सके।