देश की सबसे प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा जेईई एडवांस 17 मई को दो पारियों में आयोजित होगी। जेईई एडवांस के जरीए देश की 23 आईआईटी की लगभग 18 हजार से ज्यादा सीटों पर प्रवेश मिलता है। यह परीक्षा आईआईटी मद्रास की ओर से पूरी तरह कम्प्यूटर बेस्ड होगी। जनवरी और अप्रैल में जेईई मेन परीक्षाओं में चुने हुए शीर्ष 2 लाख 50 हजार स्टूडेंटस जेईई एडवांस परीक्षा देने के लिए योग्य घोषित किए जाएंगे। वहीं विदेशी नागरिकता व प्रवासी भारतीय वाले स्टूडेंट्स के लिए ऑनलाइन आवेदन शुरू हो चुके हैं,आवेदन करने की लास्ट डेट 2 मई तक है। करियर काउंसलिंग एक्सपर्ट अमित आहूजा ने बताया कि जिन स्टूडेंट्स के पास ओसीआई या पीआईओ कार्ड चार मार्च 2021 के बाद का है, उन्हें विदेशी नागरिक माना जाएगा। इसके अलावा सभी विदेशी नागरिकता वाले स्टूडेंट्स जिनकी 12वी भारत या विदेश से है, उन्हें जेईई मेन देने की जरूरत नहीं है और वे जेईई एडवांस के लिए आवेदन कर सकते हैं। ये स्टूडेंट्स जनरल-ईडब्ल्यूएस,ओबीसी, एससी, एसटी और पीडब्ल्यूडी कैटेगरी के रिजर्वेशन में नहीं गिने जाएंगे। सभी विदेशी स्टूडेंट्स को जेईई-एडवांस्ड देने के लिए चुने हुए शीर्ष 2 लाख 50 हजार स्टूडेंट्स के अतिरिक्त लिया जाएगा। इन स्टूडेंट्स को आईआईटी के सीट आवंटन में ओपन कैटेगरी से सभी सीटें मिलकर अतिरिक्त 10 प्रतिशत सीटों पर सीटें आवंटित की जाएंगी। आहूजा ने बताया की विदेशी स्टूडेंट्स के लिए जेईई-एडवांस परीक्षा का आवेदन शुल्क सार्क देशों के लिए 100 डॉलर तथा अन्य देशों के लिए 200 डॉलर रखा गया है। जेईई-मेन के आधार पर जेईई-एडवांस देने की पात्रता रखने वाले स्टूडेंट्स के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन 23 अप्रैल से 2 मई के बीच करवाया जाएगा। इन स्टूडेंट्स के लिए आवेदन शुल्क सामान्य व ओबीसी श्रेणी के छात्रों के लिए 3200 रुपये, एससी, एसटी, शारीरिक विकलांग छात्रों एवं सभी वर्गों की छात्राओं के लिए 1600 रुपये रखा गया है। प्रवेश पत्र 11 से 17 मई के बीच जारी होंगे। जेईई एडवांस का रिजल्ट 1 जून को घोषित किया जाएगा।