झालावाड़ नगर परिषद में प्रशासक एडीएम अनुराग भार्गव ने गुरुवार सुबह औचक निरीक्षण किया। इस दौरान नगर परिषद आयुक्त अनुपस्थित मिले, जिस पर प्रशासक ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। प्रशासक भार्गव ने आयुक्त से मोबाइल पर संपर्क किया। आयुक्त ने खुद को अस्पताल, झालरापाटन पालिका सहित अलग-अलग स्थानों पर बताया, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। एडीएम ने कहा कि ऐसे लापरवाह अधिकारी से काम की उम्मीद नहीं की जा सकती और उनके खिलाफ रिपोर्ट तैयार कर जयपुर उच्चाधिकारियों को कार्रवाई के लिए भेजा जाएगा। कर्मचारियों का हाजिरी रजिस्टर भी देखा निरीक्षण के दौरान, प्रशासक ने कर्मचारियों का हाजिरी रजिस्टर भी मंगवाया। बड़ी संख्या में कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए, जिनके खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासक ने इस बात पर भी चिंता जताई कि यदि अधिकारी ही अनुपस्थित रहेंगे तो कर्मचारियों के काम की निगरानी कैसे होगी। एडीएम भार्गव ने आमजन के लंबित कार्यों की भी जानकारी ली। उन्होंने मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए कि आमजन के कार्यों को समय पर निपटाया जाए। प्रशासक के तौर पर, वे सरकारी कामकाज की स्थिति और आमजन के हितों को सुनिश्चित करने के लिए यह निरीक्षण करने पहुंचे थे। 2023 के बाद बोर्ड मीटिंग नहीं हुई इस दौरान सामने आया कि 2023 के बाद कोई बोर्ड मीटिंग नहीं हुई, फिर भी बिना बोर्ड प्रस्ताव के ही कार्य चल रहे है जो उचित नहीं। उन्होंने कहा कि धीरे-धीरे काम का आज पटरी पर लाने का प्रयास किया जा रहा है। आमजन की परेशानी साफ सफाई, भूमि शाखा, आवारा पशु, कचरा निस्तारण समेत आमजन के कामकाज समय पर करने के लिए निर्देश भी दिए गए हैं। भाजपा बोर्ड का कार्यकाल खत्म होने पर नगर परिषद में झालावाड़ के एडीएम अनिल भार्गव के पास प्रशासक का अतिरिक्त कार्यभार है, वही नगरपरिषद आयुक्त अशोक शर्मा को भी झालावाड़ नगरपरिषद और झालरापाटन नगर पालिका में लगा रखा है।