झालावाड़ पुलिस ने 'ऑपरेशन दिव्य प्रहार 2.0' के तहत बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने घाटोली थाना क्षेत्र के पालखंदा निवासी इनामी नशा तस्कर बबलू तंवर और उसके सहयोगियों की करीब 5.5 करोड़ रुपए की चल-अचल संपत्ति को स्थायी रूप से फ्रीज कर दिया है। आरोपी बबलू तंवर फिलहाल फरार है। एएसपी भागचंद मीणा ने बताया कि मादक पदार्थ तस्करों पर कठोर प्रहार करने के उद्देश्य से जनवरी 2026 से 'ऑपरेशन दिव्य प्रहार-2.0' शुरू किया गया था। इस अभियान का लक्ष्य नशा तस्करों की गिरफ्तारी के साथ-साथ उनकी अवैध कमाई से अर्जित संपत्ति को नष्ट करना है, जिसके दम पर वे समाज में अपना रसूख जमाते थे। मकान, खेत और गाड़ियों पर हुई कार्रवाई पिछले 3 महीने में की गई कार्रवाइयों के तहत, पुलिस ने तस्कर बबलू तंवर पुत्र गंगाराम तंवर निवासी पालखंदा, पोस्ट सरखंडिया, थाना घाटोली, तहसील अकलेरा, जिला झालावाड़ की संपत्तियों के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रस्ताव तैयार किया था। सक्षम प्राधिकारी ने इस प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए बबलू तंवर और उसके सहयोगियों के मकान, कृषि भूमि और वाहनों को स्थायी रूप से फ्रीज करने का आदेश दिया। आरोपी के खिलाफ पहले भी इसी तरह की कार्रवाई की जा चुकी है। गोपनीय डेटाबेस तैयार किया गया एसपी कार्यालय की एमओबी शाखा में बबलू तंवर की अवैध तस्करी से अर्जित चल-अचल संपत्तियों का गोपनीय डेटाबेस तैयार किया गया था। यह जानकारी संबंधित थानाधिकारी, थाना घाटोली के साथ साझा की गई। गोपनीय सूचनाओं के आधार पर इन अवैध आर्थिक संपत्तियों को फ्रीज करने के लिए आगे की जांच और कार्रवाई की गई। अवैध संपत्तियों का करवाया बाजार मूल्यांकन इस कार्यवाही के दौरान जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड के निर्देशन में राजस्व विभाग और पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारियों ने पुलिस विभाग का समुचित सहयोग किया तथा पुलिस विभाग की ओर से चिन्हित की गई संपत्तियों का राजस्व रिकॉर्ड से मिलान करवाया और वर्तमान बाजार मूल्य का आंकलन कर त्वरित मूल्यांकन रिपोर्ट दी। आरोपी अब नहीं बेच सकेगा संपत्तियों को घाटोली थानाधिकारी ने एनडीपीएस एक्ट के प्रावधानों के तहत इन संपत्तियों को फ्रीज करवाने की कार्रवाई की है, जिसे सक्षम प्राधिकारी द्वारा विधिक रूप से अनुमोदित किया जा चुका है। अब नशा तस्कर बबलू तंवर एवं इसके सहयोगी अवैध आय से अर्जित अपनी ही संपत्तियों का उपभोग या विक्रय नहीं कर सकेंगे।