झालावाड़ जिले में महिलाओं में होने वाले सर्वाइकल कैंसर (गर्भाशय ग्रीवा कैंसर) की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से एक व्यापक जन-जागरूकता और टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। सीएमएचओ डॉ. साजिद खान ने बताया कि यह अभियान जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ के नेतृत्व में संचालित किया जा रहा है। इसी कड़ी में 26 अप्रैल को जिलेभर में विशेष एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण सत्र आयोजित किए जाएंगे। ये सत्र जिला चिकित्सालय, उपजिला चिकित्सालय, सैटेलाइट चिकित्सालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी), प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) और आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर उपलब्ध होंगे। अफवाहों पर ध्यान नहीं दें आमजन की सुविधा के लिए अब यह टीकाकरण प्रतिदिन भी उपलब्ध है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने आमजन से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों पर ध्यान नहीं दें और वैज्ञानिक तथ्यों के आधार पर निर्णय लें। अभिभावकों से विशेष आग्रह किया गया है कि वे कैंसर होने का इंतजार नहीं करें और अपनी 14 से 15 वर्ष आयु की बेटियों को एचपीवी टीका अवश्य लगवाएं। सर्वाइकल कैंसर के संभावित लक्षणों में अनियमित रक्तस्राव, संभोग के बाद रक्तस्राव, दुर्गंधयुक्त या असामान्य स्राव, पेल्विक या कमर दर्द, कमजोरी और वजन कम होना शामिल हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत जांच कराना आवश्यक है। एचपीवी संक्रमण के कारण होता 99 प्रतिशत सर्वाइकल कैंसर सर्वाइकल कैंसर महिलाओं के गर्भाशय के निचले भाग (सर्विक्स) में विकसित होने वाला कैंसर है। यह धीरे-धीरे बढ़ता है और शुरुआती चरणों में अक्सर कोई स्पष्ट लक्षण नहीं दिखाता, जिससे इसका पता देर से चलता है। लगभग 99 प्रतिशत सर्वाइकल कैंसर एचपीवी संक्रमण के कारण होता है, जो आमतौर पर किशोरावस्था या युवावस्था में होता है। लंबे समय तक संक्रमण रहने पर यह कैंसर में बदल सकता है। जिले में अब तक 600 से अधिक एचपीवी टीकाकरण किए जा चुके हैं और इनमें किसी भी प्रकार का दुष्प्रभाव सामने नहीं आया है। यह दर्शाता है कि वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित और प्रभावी है। जागरूकता गतिविधियों के परिणामस्वरूप, बालिकाएं स्वयं आगे आकर टीकाकरण करवा रही हैं।