भारत विकास परिषद, झालारानी शाखा द्वारा आयोजित आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर का शहर के रेलवे स्टेशन रोड स्थित एक निजी स्कूल में समापन हो गया। इस शिविर में कुल 600 से अधिक बालिकाओं को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण दिया गया। समापन समारोह के अवसर पर शाखा अध्यक्ष अर्चना मालपानी ने स्कूल की प्राचार्या, उप-प्राचार्या, समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं और भारत विकास परिषद के सदस्यों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि सभी के सहयोग से यह प्रशिक्षण शिविर अत्यंत सफल रहा, जिससे छात्राओं को आत्मरक्षा के साथ-साथ आत्मविश्वास और साहस का भी महत्वपूर्ण प्रशिक्षण मिला। अपने संबोधन में अर्चना मालपानी ने छात्राओं से कहा कि हर दिन सीखने का अवसर देता है और निरंतर सीखने वाला ही जीवन में आगे बढ़ता है। उन्होंने आत्मरक्षा प्रशिक्षण को केवल एक कौशल नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, अनुशासन और आत्मसम्मान का प्रतीक बताया। उन्होंने सभी बालिकाओं से आग्रह किया कि वे प्रशिक्षण में सीखी गई बातों को नियमित अभ्यास के माध्यम से अपने जीवन का हिस्सा बनाएं और आवश्यकता पड़ने पर स्वयं की सुरक्षा के साथ-साथ दूसरों की सहायता के लिए भी तैयार रहें। कार्यक्रम के दौरान, भारत विकास परिषद झालारानी शाखा की ओर से ट्रेनर कृष्णा वर्मा को मोमेंटो और सर्टिफिकेट भेंट किया गया। वहीं, स्कूल प्रबंधन ने शाखा अध्यक्ष अर्चना मालपानी को मोमेंटो देकर सम्मानित किया। अंत में, स्कूल परिवार और भारत विकास परिषद के सभी पदाधिकारियों तथा सदस्यों ने प्रशिक्षण में भाग लेने वाली छात्राओं को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर शाखा सदस्य सचिव चेतना गर्ग, कोषाध्यक्ष सुमन खंडेलवाल, मधु अग्रवाल, एडवोकेट शशि अग्रवाल, स्नेहा खंडेलवाल, निधि खंडेलवाल, इशा नौलखा, ममता गुप्ता, रीना अग्रवाल, रानी माहेश्वरी और मनोचिकित्सक डॉ. रश्मि गुप्ता सहित कई सदस्य उपस्थित थे।