विश्व जनसंख्या दिवस पर 11 जुलाई को आयोजित राज्य स्तरीय वर्चुअल समारोह में झालावाड़ जिले को जनसंख्या स्थायित्व एवं परिवार कल्याण कार्यक्रम में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया जाएगा। जिले ने प्रदेश में चौथा स्थान हासिल किया है। समारोह में जिले को प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा, जबकि उत्कृष्ट कार्य करने वाले एनजीओ, स्वास्थ्यकर्मियों, जनप्रतिनिधियों और ग्राम पंचायतों को भी सम्मानित किया जाएगा। साथ ही जिले में 11 से 18 जुलाई तक विशेष जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा। परिवार कल्याण में प्रदेश में चौथा स्थान जिले ने परिवार कल्याण कार्यक्रम में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए राज्य स्तर पर चौथा स्थान प्राप्त किया है। इस उपलब्धि के लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री की अध्यक्षता में आयोजित राज्य स्तरीय वर्चुअल समारोह में जिले को प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा। इन संस्थाओं और अधिकारियों को मिलेगा सम्मान संस्थागत श्रेणी में अंश एड पैरा मेडिकल फाउंडेशन को सर्वश्रेष्ठ एनजीओ के रूप में प्रशस्ति पत्र और दो लाख रुपए की पुरस्कार राशि दी जाएगी। व्यक्तिगत श्रेणी में सीएचसी भवानीमंडी की एलएचवी आशा वर्मा को प्रथम स्थान मिलने पर प्रशस्ति पत्र एवं 10 हजार रुपए की राशि से सम्मानित किया जाएगा। इसके अलावा पंचायत समिति डग के प्रधान, ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारी, सीएचसी चौमहला, पीएचसी रीछवा के चिकित्सा अधिकारी प्रभारी तथा भालता, कुमठिया, सलोतिया और सारोलाकलां ग्राम पंचायतों के सरपंच एवं एएनएम को भी सम्मानित किया जाएगा। जिला प्रशासन की नियमित मॉनिटरिंग का मिला परिणाम जिला प्रशासन के अनुसार, जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ ने जिला स्वास्थ्य समिति की मासिक बैठकों में परिवार कल्याण कार्यक्रम की नियमित समीक्षा कर अधिकारियों को बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया। प्रशासन का कहना है कि इसी सतत मॉनिटरिंग और टीमवर्क का सकारात्मक परिणाम जिले की इस उपलब्धि के रूप में सामने आया है। 11 से 18 जुलाई तक चलेगा विशेष अभियान राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के निर्देश पर जिले में 11 से 18 जुलाई तक विश्व जनसंख्या दिवस विशेष अभियान चलाया जाएगा। इस वर्ष अभियान की थीम "जब बच्चों में सही अंतराल, परिवार बने स्वस्थ और खुशहाल" रखी गई है। अभियान के दौरान सास-बहू सम्मेलन, एडवोकेसी बैठकें, परिवार नियोजन परामर्श केंद्रों का संचालन तथा आशा कार्यकर्ताओं द्वारा घर-घर संपर्क कर योग्य दंपत्तियों को जागरूक किया जाएगा। लोगों को विवाह की उचित आयु, पहले बच्चे में सही अंतराल, दो बच्चों के बीच कम से कम तीन वर्ष का अंतर तथा अंतरा और छाया जैसे आधुनिक गर्भनिरोधक साधनों की जानकारी दी जाएगी। पुरुषों की सहभागिता बढ़ाने पर भी विशेष जोर रहेगा। लक्ष्य से अधिक रही परिवार कल्याण कार्यक्रम की उपलब्धियां उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (परिवार कल्याण) डॉ. अरविंद कुमार नागर ने बताया कि गत वर्ष जिले ने परिवार कल्याण कार्यक्रम में कई लक्ष्यों से अधिक उपलब्धियां हासिल कीं। महिला नसबंदी में 195.18 प्रतिशत, अंतरा इंजेक्टेबल में 127.30 प्रतिशत तथा पीपीआईयूसीडी में 85.50 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज की गई। सीएमएचओ डॉ. साजिद खान ने बताया कि झालावाड़ जिला पिछले 10 वर्षों से लगातार राज्य के शीर्ष पांच जिलों में शामिल रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में चिकित्सा विभाग इस वित्तीय वर्ष में भी सभी स्वास्थ्य सूचकांकों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल करने का प्रयास करेगा।