झालावाड़ में कृषि विभाग ने गुरुवार को कार्रवाई करते हुए खानपुर क्षेत्र के दईखेड़ा स्थित सिखवाल कृषि सेवा केंद्र से 1500 बैग अवैध उर्वरक जब्त किए। इनमें 1000 बैग डीएपी और 500 बैग पोटाश शामिल हैं। संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार), जिला परिषद झालावाड़ डॉ. नरेश कुमार शर्मा के नेतृत्व में एक टीम ने केंद्र की जांच की। इस दौरान उर्वरकों से जुड़े जरूरी दस्तावेज और रिकॉर्ड नहीं दिखाए जा सके। इसके बाद विभाग ने उर्वरकों को अपने कब्जे में ले लिया। जांच के दौरान केंद्र पर मौजूद दूसरे उर्वरकों की क्वालिटी जांचने के लिए 11 नमूने भी लिए गए। इन नमूनों को लैब में जांच के लिए भेजा जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद नियमों के हिसाब से आगे कार्रवाई की जाएगी। जांच में कई और गड़बड़ियां भी सामने आईं। इनमें किसानों को उर्वरक बेचते समय बिल नहीं देना, मूल्य सूची और स्टॉक की जानकारी नहीं दिखाना, और उर्वरकों का लाइसेंस में ठीक से दर्ज नहीं होना शामिल है। विभाग इन मामलों की पूरी जांच कर रहा है। संयुक्त निदेशक डॉ. नरेश कुमार शर्मा ने बताया कि किसानों के फायदे के लिए और उर्वरकों की कालाबाजारी, अवैध भंडारण और गलत बिक्री रोकने के लिए जिलेभर में गहन जांच अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने उर्वरक बेचने वालों से तय नियमों का पालन करने को कहा। डॉ. शर्मा ने चेतावनी दी कि गड़बड़ी मिलने पर उस केंद्र के खिलाफ उर्वरक नियंत्रण आदेश के तहत कार्रवाई होगी। यह कार्रवाई कृषि अधिकारी (फसल) कार्यालय सहायक निदेशक कृषि (विस्तार) प्रेम शंकर गोचर की ओर से की जा रही है। जांच टीम में कृषि अधिकारी चौथमल शर्मा, सहायक कृषि अधिकारी सुरेश कुमार भारद्वाज, नीरज किराड़ और दूसरे कर्मचारी मौजूद थे।