झालावाड़ जिले के आरोलिया गांव स्थित श्री देवनारायण मंदिर से गुरुवार को करीब 10 से 12 किलोमीटर लंबी पैदल शोभायात्रा निकाली गई। यात्रा में आरोलिया समेत आसपास के गांवों से सैकड़ों महिला-पुरुष श्रद्धालु शामिल हुए। गांव के पटेल राधेश्याम गुर्जर और ठाकुर विक्रम सिंह शक्तावत ने आरती कर शोभायात्रा को रवाना किया। यात्रा का समापन संकलीखेड़ा धाम पहुंचने के बाद महाआरती और प्रसाद वितरण के साथ हुआ। सफेद घोड़े के खूंटे की पूजा की परंपरा शोभायात्रा से पहले शक्तावत राजपूत परिवार में सफेद घोड़े के खूंटे की पूजा की गई। मान्यता है कि भगवान श्री देवनारायण के प्रसन्न होने पर परिवार को सफेद घोड़ा इनाम में मिला था। इसी मान्यता के चलते ठाकुर-पटेल परिवार की ओर से हर साल सफेद घोड़े के खूंटे की पूजा की जाती है। इन रास्तों से होकर संकलीखेड़ा धाम पहुंची यात्रा शोभायात्रा आरोलिया मंदिर से रवाना होकर पिपलिया चौराहा, रुणजी चौराहा, भीलवाड़ी और भीलवाड़ा चौराहा होते हुए संकलीखेड़ा धाम पहुंची। इसमें आरोलिया, नेहरावद, भीलवाड़ी, परोलिया, नांदिया खेड़ी सहित आसपास के गांवों के लोग शामिल हुए। पारंपरिक वेशभूषा में नाचते-गाते चले श्रद्धालु श्रद्धालु पारंपरिक कपड़ों में डीजे की धुन पर नाचते-गाते और भजन-कीर्तन करते हुए यात्रा में शामिल हुए। पूरे रास्ते श्रद्धालुओं में उत्साह नजर आया। मार्ग में जगह-जगह लोगों के लिए खाने-पीने की व्यवस्था भी की गई। महाआरती के बाद हुआ प्रसाद वितरण संकलीखेड़ा धाम पहुंचने पर भगवान श्री देवनारायण की महाआरती की गई और श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। समापन के अवसर पर भवानी धर्म कांटा के मालिक संजय माहेश्वरी ने परिवार के साथ शोभायात्रा का स्वागत किया और भगवान की आरती की। हर साल की तरह इस बार भी भोजन की व्यवस्था संजय माहेश्वरी की ओर से की गई। ये लोग रहे मौजूद शोभायात्रा में संयोजक रायसिंह गुर्जर, सौदान सिंह, दौलतराम गुर्जर, बिरधीलाल गुर्जर, राजाराम गुर्जर, रोशन गुर्जर, शोभाराम, छीतरलाल, जगदीश गुर्जर, परमानंद गुर्जर, विक्रम सिंह शक्तावत, नैनालाल गुर्जर, बद्री गुर्जर, लालचंद कारपेंटर, डॉ. रोबिन सिंह, प्रहलाद सिंह गुर्जर, हरीश गुर्जर, रामेश्वर गुर्जर, बजरंग गुर्जर सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।