झालावाड़ कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ ने सोमवार को मिनी सचिवालय सभागार में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित सेवाओं एवं योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए बेहतर एवं त्वरित सेवाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया। कलेक्टर ने सभी विभागीय अधिकारियों को अपने कार्यालय भवनों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए। इसमें छतों पर जलभराव, गंदगी, दीवारों पर पेड़-पौधे और भवनों के जर्जर होने की जांच शामिल है। अधिकारियों को इन बिंदुओं पर एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) तैयार कर प्रस्तुत करने को भी कहा गया। इसके अतिरिक्त खरीद केंद्रों पर किसानों के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए ताकि उन्हें असुविधा न हो। बैठक में जिला कलेक्टर ने विभागवार फ्लैगशिप योजनाओं की प्रगति का गहन अवलोकन किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को प्रदेश स्तर पर जारी रैंकिंग में जिले की स्थिति सुधारने के लिए विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि जिन योजनाओं में जिला पिछड़ रहा है, उनमें प्राथमिकता के आधार पर कार्य करते हुए निर्धारित लक्ष्यों की शीघ्र पूर्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने प्रत्येक विभाग को नियमित मॉनिटरिंग करते हुए बाधाओं की पहचान कर उनका त्वरित निराकरण करने और योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समयबद्ध रूप से पहुंचाने के निर्देश भी दिए। जिला कलेक्टर ने बजट घोषणाओं के क्रियान्वयन की प्रगति की समीक्षा करते हुए लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि बजट घोषणाओं का समयबद्ध एवं प्रभावी क्रियान्वयन सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। गर्मी में पेयजल, चिकित्सा एवं बिजली व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के निर्देश गर्मी के मौसम को दृष्टिगत रखते हुए जिला कलेक्टर ने पेयजल विभाग को जिले में सुचारू जलापूर्ति सुनिश्चित करने और आवश्यकता अनुसार टैंकरों से जल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को चिकित्सा सुविधाएं सुदृढ़ रखने एवं गर्मीजनित बीमारियों की रोकथाम हेतु प्रभावी तैयारियां सुनिश्चित करने को कहा गया। जेवीवीएनएल अधिकारियों को अंधड़-तूफान के कारण होने वाली बिजली कटौती की स्थिति में त्वरित सुधार कर आमजन को राहत पहुंचाने के निर्देश दिए गए।