झालावाड़ में रबी विपणन सीजन 2026-27 के तहत समर्थन मूल्य पर कृषि उपज खरीद को सुचारू और पारदर्शी बनाने के लिए एक बैठक आयोजित की गई। बुधवार को मिनी सचिवालय सभागार में हुई इस बैठक की अध्यक्षता जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ ने की। जिला कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन स्थानों पर अभी तक खरीद केंद्र शुरू नहीं हुए हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र प्रारंभ किया जाए। इससे किसानों को अपनी उपज बेचने में कोई असुविधा नहीं होगी। उन्होंने संबंधित एजेंसियों को खरीद केंद्रों पर पेयजल, छाया, बैठने की व्यवस्था और सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। राठौड़ ने खरीद केंद्रों पर रखी जाने वाली कृषि उपज (जिंस) के सुरक्षित भंडारण पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि सभी जिंस को उचित ढंग से ढककर रखा जाए, ताकि मौसम या अन्य कारणों से नुकसान न हो। स्लॉट बुकिंग व्यवस्था के संबंध में बताया गया कि निर्धारित नियमों के अनुसार ऑनलाइन स्लॉट बुकिंग की जाएगी, जिससे किसानों को सुविधा मिल सके। कलेक्टर ने यह भी कहा कि किसानों को खरीद प्रक्रिया, समर्थन मूल्य, स्लॉट बुकिंग और अन्य व्यवस्थाओं की पूरी जानकारी उपलब्ध कराना आवश्यक है। इसके लिए व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि अधिक से अधिक किसान समय पर पंजीकरण कराकर लाभ उठा सकें। उन्होंने रसद विभाग को खरीद कार्य की नियमित और प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिला कलेक्टर ने सख्त शब्दों में चेतावनी दी कि खरीद प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषी पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने खरीद एजेंसियों एवं मंडी समितियों के प्रतिनिधियों को निर्देशित किया कि वे समन्वय के साथ कार्य करें एवं किसानों को त्वरित एवं पारदर्शी सेवा उपलब्ध कराएं। साथ ही, खरीद प्रक्रिया के दौरान समयबद्धता, गुणवत्ता परीक्षण एवं भुगतान प्रणाली को सुचारू बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में जिला रसद अधिकारी जितेन्द्र कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि किसानों को अपनी उपज विक्रय हेतु 06 अप्रैल 2026 से 31 मई 2026 तक पूर्व में स्लॉट बुक करना अनिवार्य होगा, जिससे खरीद केंद्रों पर भीड़ नियंत्रण एवं समयबद्ध व्यवस्था बनी रहे। किसानों के लिए बड़ी राहत देते हुए यह प्रावधान किया गया है कि यदि कोई किसान किसी कारणवश अपनी निर्धारित तिथि पर खरीद केंद्र पर उपस्थित नहीं हो पाता है, तो वह उसी सप्ताह अथवा अगले सप्ताह किसी भी कार्य दिवस पर अपनी उपज विक्रय दोपहर 3 बजे बाद कर सकेगा। इससे किसानों को तिथि छूटने की स्थिति में किसी प्रकार की असुविधा नहीं होगी तथा वे अपनी सुविधा अनुसार गेहूं विक्रय कर सकेंगे। सह-खातेदारों के मामलों में जनाधार एवं ओटीपी के माध्यम से सत्यापन की व्यवस्था की गई है। वहीं बुजुर्ग अथवा असमर्थ किसानों के लिए नामित व्यक्ति के माध्यम से फसल विक्रय का प्रावधान भी उपलब्ध है। बैठक में अतिरिक्त जिला कलेक्टर अनुराग भार्गव, उप रजिस्ट्रार सहकारिता विभाग अवतार सिंह मीणा सहित कृषि मंडी समितियों एवं विभिन्न खरीद एजेंसियों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।