झालावाड़ जिले में पिछले चार दिनों से मानसून की रफ्तार थम गई है। बारिश नहीं होने से एक ओर उमस और गर्मी ने लोग बेहाल हैं, वहीं 10-15 दिन पहले बोई गई खरीफ फसलों के लिए किसानों की चिंता बढ़ने लगी है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में मानसून फिर सक्रिय हो सकता है। चार दिन से नहीं हुई अच्छी बारिश, बढ़ी उमस बुधवार को हुई बारिश के बाद जिले में अच्छी वर्षा दर्ज नहीं हुई है। वातावरण में नमी बनी हुई है, लेकिन बादलों और तेज धूप के बीच बदलते मौसम से उमस लगातार बढ़ रही है। हवा की गति कम रहने के कारण लोगों को दिनभर पसीने और चिपचिपी गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। वर्तमान में अधिकतम तापमान करीब 34 डिग्री सेल्सियस है, जबकि अच्छी बारिश के दौरान यह दोपहर में 28 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। बाजार और हाईवे पर दिखा सन्नाटा भीषण गर्मी और उमस का असर जनजीवन पर भी साफ दिखाई दिया। झालावाड़ शहर के मुख्य बाजार और हाईवे पर सामान्य दिनों की तुलना में आवाजाही कम रही। लोग धूप से बचने के लिए पार्कों, पेड़ों की छांव और ठंडे पेय पदार्थों का सहारा लेते नजर आए। बारिश का इंतजार कर रहे किसान बारिश में लंबे अंतराल ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों में खरीफ फसलों की बुवाई हो चुकी है और अब उनकी बढ़वार के लिए अच्छी बारिश जरूरी है। यदि अगले कुछ दिनों तक पर्याप्त वर्षा नहीं हुई तो फसलों की वृद्धि प्रभावित हो सकती है। 10-15 दिन पहले हुई थी बुवाई किसान रंजीत, जयेंद्र सिंह तंवर (अकलेरा), महेश, मुकेश मेहर और राजेंद्र सिंह ने बताया कि उड़द, मक्का, सोयाबीन और लहसुन की बुवाई लगभग 10 से 15 दिन पहले की जा चुकी है। अब इन फसलों को पर्याप्त पानी की आवश्यकता है। मौसम विभाग की उम्मीद हालांकि जिले के कई हिस्सों में बादलों की आवाजाही बनी हुई है, लेकिन बारिश नहीं होने से लोगों और किसानों की उम्मीदें अधूरी हैं। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार मानसून पूरी तरह कमजोर नहीं पड़ा है और आने वाले दिनों में इसके फिर सक्रिय होने की संभावना है। अच्छी बारिश होने पर उमस से राहत मिलने के साथ खेतों और जल स्रोतों में भी पर्याप्त नमी बनी रहेगी।