झालावाड़ के हॉस्पिटल में नॉर्मल डिलीवरी के बाद एक प्रसूता की अचनाक तबीयत बिगड़ गई। डिलीवरी के बाद ब्लीडिंग नहीं रुकने से हालत ज्यादा खराब हो गई। हालत गंभीर होते देख डॉक्टर्स ने उसे कोटा रेफर कर दिया। वेंटिलेटर पर लेना पड़ा। झालावाड़ में डिलीवरी के बाद गंभीर अवस्था में कोटा के मेडिकल कॉलेज स्थित सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक (एसएसबी) अस्पताल में भर्ती कराया गया है। प्रसूता को आईसीयू में वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है। वहीं मल्टी-ऑर्गन इंवॉल्वमेंट के चलते नेफ्रोलॉजी टीम ने उसकी डायलिसिस भी की है। नॉर्मल डिलीवरी के बाद बिगड़ी तबीयत, चढ़ाया गया 6 यूनिट ब्लड सूत्रों के अनुसार बारां जिले की रहने वाली पुष्पा (28) को लेबर पेन पर झालावाड़ के सरकारी अस्पताल में 27 अक्टूबर को नॉर्मल डिलीवरी हुई थी। उसे 27 अक्टूबर को ही भर्ती कराया गया था। डॉक्टर्स की देखरेख में हुई नॉर्मल डिलीवरी के तुरंत बाद ज्यादा ब्लीडिंग (पीपीएच) शुरू हो गई। झालावाड़ अस्पताल के डॉक्टरों ने ब्लीडिंग रोकने के काफी प्रयास किए और लगातार स्थिति संभालते हुए मरीज को करीब 5 से 6 यूनिट ब्लड व प्लेटलेट्स चढ़ाए। इसके बावजूद ब्लीडिंग पर पूरी तरह नियंत्रण नहीं पाया जा सका और महिला का ब्लड प्रेशर लगातार गिरता चला गया। झालावाड़ से कोटा किया गया रेफर, सीधे वेंटिलेटर पर लिया महिला की स्थिति को बेहद क्रिटिकल होते देख झालावाड़ के डॉक्टर्स ने उसे उसी दिन मेडिकल कॉलेज कोटा के एसएसबी अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। यहां उसका इलाज शुरू किया गया। शुक्रवार 30 अक्टूबर को उसकी स्थिति बेहद गंभीर (शॉक की स्थिति) थी और सांस लेने में भारी तकलीफ हो रही थी। आपातकालीन स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों की टीम ने बिना समय गंवाए उसे आईसीयू में शिफ्ट कर क्रिटिकल केयर सपोर्ट व वेंटिलेटर पर लिया। खून बह जाने और लंबे समय तक ब्लड प्रेशर काफी नीचे रहने के कारण मरीज में एक्ट्यूट किडनी इंजरी के लक्षण उभर आए। जिसके बाद शुक्रवार को महिला का इमरजेंसी डायलिसिस किया गया। ----------- ये खबर भी पढ़िए… कोटा में 24 घंटे में एक और प्रसूता की मौत:सिजेरियन डिलीवरी के बाद 11 घंटे होती रही ब्लीडिंग, डॉक्टर बोले-हाई रिस्क पेशेंट थी कोटा में 24 घंटे में एक और प्रसूता की मौत हो गई। रोशन बैरवा की शुक्रवार रात 12 बजे न्यू मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में सिजेरियन डिलीवरी हुई थी। (पढ़िए पूरी खबर)