झालावाड़ के राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय में स्वास्थ्य जागरूकता का अनूठा दृश्य देखने को मिला, जहां 600 बालिकाओं ने एक साथ ‘एचपीवी मुक्त झालावाड़’ बनाने का संकल्प लिया। पूरे विद्यालय परिसर में ‘सुरक्षित बेटी – स्वस्थ भविष्य’ के नारों की गूंज रही। कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने एचपीवी टीकाकरण को बेटियों की सुरक्षा का मजबूत कवच बताते हुए अफवाहों से दूर रहने का संदेश दिया। स्वास्थ्य जागरूकता का बड़ा अभियान यह कार्यक्रम सीएमएचओ डॉ. साजिद खान के मार्गदर्शन तथा जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मुकेश कुमार नागर के निर्देशन में आयोजित किया गया। आयोजन का उद्देश्य बालिकाओं को एचपीवी संक्रमण, सर्वाइकल कैंसर और उससे बचाव के उपायों के प्रति जागरूक करना था। ‘एचपीवी टीका ही सबसे बड़ी सुरक्षा’ कार्यक्रम के मुख्य वक्ता जिला नोडल अधिकारी एवं चिकित्सा अधिकारी डॉ. शुभम गिरिराज पाटीदार ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि एचपीवी टीके को लेकर समाज में कई तरह की अफवाहें फैलाई जाती हैं, लेकिन यह टीका पूरी तरह सुरक्षित और प्रभावी है। उन्होंने कहा कि यह टीका सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाव का एक सशक्त माध्यम है और हर बेटी के स्वस्थ भविष्य के लिए बेहद जरूरी है। प्रिंसिपल ने बढ़ाया छात्राओं का हौसला विद्यालय की प्रिंसिपल वीणा रानी चौहान ने इस पहल को छात्राओं में स्वास्थ्य चेतना बढ़ाने की दिशा में अहम कदम बताया। उन्होंने कहा कि बेटियों को जागरूक बनाना ही समाज को स्वस्थ बनाने का रास्ता है। उन्होंने छात्राओं से अपील की कि वे किसी भी भ्रम या अफवाह में न आएं और टीकाकरण को अपनाएं। 600 छात्राओं ने ली सुरक्षा प्रतिज्ञा कैंसर जागरूकता कार्यशाला के बाद डॉ. शुभम गिरिराज पाटीदार ने विद्यालय की 600 बालिकाओं को एक साथ एचपीवी सुरक्षा प्रतिज्ञा दिलाई। इस दौरान छात्राओं ने संकल्प लिया कि वे खुद जागरूक रहेंगी और दूसरों को भी टीकाकरण के लिए प्रेरित करेंगी। एक साथ इतनी बड़ी संख्या में बालिकाओं द्वारा लिया गया यह संकल्प पूरे आयोजन को जन-आंदोलन का रूप देता नजर आया। खुलकर पूछे सवाल, बढ़ा आत्मविश्वास कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने खुलकर अपने सवाल पूछे और टीकाकरण से जुड़ी जिज्ञासाओं का समाधान लिया। कई छात्राओं ने आत्मविश्वास के साथ आगे आकर टीका लगवाने की इच्छा जताई। जिन्होंने टीका लगवाया, उन्होंने साझा किए अनुभव जिन छात्राओं ने पहले ही एचपीवी टीका लगवा लिया था, उन्होंने अपने अनुभव भी साझा किए। उन्होंने बताया कि टीका लगवाने के बाद उन्हें किसी प्रकार की परेशानी नहीं हुई। इससे अन्य छात्राओं का विश्वास और मजबूत हुआ तथा वे भी टीकाकरण के लिए प्रेरित नजर आईं। स्वस्थ भविष्य की ओर मजबूत कदम झालावाड़ में आयोजित यह कार्यक्रम केवल एक जागरूकता अभियान नहीं, बल्कि बेटियों के सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। 600 बालिकाओं के इस संकल्प ने जिले में स्वास्थ्य जागरूकता की नई मिसाल पेश की है।