झालावाड़ में सरकारी नौकरी और ट्रांसफर के नाम पर लाखों की ठगी करने वाले गिरोह की 2 महिला सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। ये महिलाएं करीब डेढ़ महीने से फरार चल रही थीं। कोतवाली पुलिस ने यह कार्रवाई की है। पुलिस को 7 अगस्त को इस मामले की शिकायत मिली थी। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने सरकारी विभागों, अस्पतालों और स्कूलों में पक्की या संविदा नौकरी दिलाने का झांसा दिया। उन्होंने बेरोजगार युवाओं से प्रति व्यक्ति 1.50 लाख से लेकर 25 लाख रुपए तक नकद और ऑनलाइन लिए। अब तक 8 पीड़ितों से कुल 16 लाख 40 हजार रुपए की धोखाधड़ी सामने आई है। इसमें 11.60 लाख रुपए नकद और 4.80 लाख रुपए यूपीआई से लिए गए थे। डेढ़ महीने से थी फरार गिरफ्तार की गई महिलाओं की पहचान हमीदा उर्फ तमन्ना पत्नी सुनील राठौड़ (निवासी सफल रेजीडेंसी कोटा रोड, झालावाड़) और अंजुम पत्नी अब्दुल रऊफ (निवासी पायगा मोहल्ला, झालावाड़) के रूप में हुई है। इन्हें 24 सितंबर को पकड़ा गया था। पुलिस उनसे गिरोह के अन्य सदस्यों के साथ हुई व्हाट्सएप चैट और पीड़ितों के शैक्षणिक दस्तावेजों के बारे में पूछताछ कर रही है। पुलिस दोनों गिरफ्तार आरोपियों को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लेगी। इस मामले में गिरोह के 2 सदस्यों को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।