झालावाड़ शहर की लक्षिता नागर ने नीट परीक्षा में पहले ही प्रयास में सफलता हासिल की है। उन्होंने 720 में से 681 अंक प्राप्त किए हैं। लक्षिता को अखिल भारतीय सामान्य श्रेणी में 241वीं रैंक और ओबीसी श्रेणी में 61वीं रैंक मिली है। 18 वर्षीय लक्षिता नागर झालावाड़ शहर की सुभाष कॉलोनी में रहती हैं। वह मूल रूप से सुनेल क्षेत्र के छोटे से गांव कांदलखेड़ी की निवासी हैं। उनके पिता कन्हैयालाल नागर हेड कॉन्स्टेबल हैं और मां का नाम संजू नागर है। वह पूर्व जनपद सदस्य नाथूलाल नागर की पौत्री हैं। लक्षिता ने बताया कि उनका बचपन से ही डॉक्टर बनकर समाज की सेवा करने का सपना था। उनका लक्ष्य कार्डियोलॉजिस्ट बनना है। उन्होंने परीक्षा की तैयारी के दौरान प्रतिदिन 10 से 12 घंटे नियमित अध्ययन किया। अपनी सफलता का श्रेय लक्षिता ने अपने माता-पिता, गुरुजनों, परिवारजनों और शिक्षकों के निरंतर मार्गदर्शन, प्रेरणा एवं सहयोग को दिया। उन्होंने कहा कि कठिन समय में गुरुजनों के मार्गदर्शन और परिवार के विश्वास ने उन्हें हमेशा आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। पिता झालावाड़ में पुलिस विभाग में कार्यरत लक्षिता के पिता कन्हैयालाल नागर हेड कॉन्स्टेबल हैं, जो वर्तमान में झालरापाटन में स्थित पुलिस ट्रेनिंग सेंटर में कार्यरत हैं। पिता कन्हैयालाल ने बताया कि लक्षिता ने दसवीं में 96 प्रतिशत अंक मिलने पर ही डॉक्टर बनने का सपना देख लिया था और उसने लगातार कड़ी मेहनत की और अपने सब्जेक्ट का चयन कर प्रयास किया उसने ऑनलाइन क्लासेज और टेस्ट सीरीज के माध्यम से पढ़ाई की है। लक्षिता तीन बहनों में सबसे बड़ी है इससे छोटी दो बहने हैं, जो कक्षा 6 में और 3rd में पढ़ाई कर रही हैं।