झालावाड़ राजकीय मेडिकल कॉलेज और इससे जुड़े अस्पतालों के कर्मचारियों को पिछले दो महीने से वेतन नहीं मिला है। वेतन भुगतान में देरी से कर्मचारियों के सामने घरेलू खर्च और अन्य जिम्मेदारियां निभाने का संकट खड़ा हो गया है। इस समस्या को लेकर कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ से मुलाकात कर जल्द वेतन जारी करवाने की मांग की। कलेक्टर ने चार से पांच दिन में वेतन जारी करने का भरोसा दिया है। इसके बाद संगठनों ने मरीजों के हित को देखते हुए 16 अक्टूबर से प्रस्तावित दो घंटे की गेट मीटिंग और काम बंद करने का फैसला फिलहाल टाल दिया है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि तय समय में वेतन नहीं मिलने पर दोबारा आंदोलन किया जाएगा। दो महीने से वेतन अटका, कर्मचारियों की बढ़ी परेशानी मेडिकल कॉलेज कार्मिक अध्यक्ष लोकेश मीणा और डॉ. विनीत अग्रवाल ने बताया कि कर्मचारियों को लगातार दो महीने से वेतन नहीं मिला है। इससे उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वेतन के अभाव में घरेलू खर्च चलाना और अन्य जरूरी जिम्मेदारियां पूरी करना मुश्किल हो गया है। कर्मचारी संगठनों ने प्रशासन से मामले में जल्द हस्तक्षेप कर भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की। कलेक्टर के आश्वासन पर टाला आंदोलन वेतन भुगतान की मांग को लेकर कर्मचारी संगठनों ने कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ से मुलाकात की। कलेक्टर की ओर से चार से पांच दिन में वेतन जारी करने का भरोसा मिलने के बाद संगठनों ने प्रस्तावित आंदोलन स्थगित करने का निर्णय लिया। कर्मचारियों ने 16 अक्टूबर से दो घंटे की गेट मीटिंग और कार्य बहिष्कार करने की योजना बनाई थी। हालांकि, मरीजों को होने वाली परेशानी को ध्यान में रखते हुए फिलहाल यह कदम टाल दिया गया है। संगठनों ने स्पष्ट किया कि निर्धारित समय में वेतन नहीं मिला तो वे फिर से आंदोलन करेंगे। विभिन्न कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधि रहे मौजूद कलेक्टर से मुलाकात के दौरान कर्मचारी महासंघ के जिलाध्यक्ष राधेश्याम पाटीदार, कार्यकारी अध्यक्ष अरुण श्रृंगी, नर्सेज संघर्ष समिति के जिलाध्यक्ष मनोज मीणा, पवन शर्मा, डॉ. हेमराज मीना, डॉ. पुनीत गुप्ता, डॉ. पुरुषोत्तम, एनटीआई के जिलाध्यक्ष ललित गुर्जर, महेश गौड़, चंचल सिंह, लक्ष्मीनारायण लोधा, अरविंद, कमल सेन, धारा सिंह, राजवर्धन, परवेज, पंकज वैष्णव, साहिल, भूपेंद्र नाथावत, रामचन्द्र धाकड़, सियाराम और राधेश्याम चौहान सहित विभिन्न कैडर के प्रतिनिधि मौजूद रहे।