झालावाड़ की विशिष्ट पॉक्सो कोर्ट नंबर-1 ने नाबालिग से दुष्कर्म के एक मामले में आरोपी को दोषी करार देते हुए 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही 18 हजार रुपए जुर्माना भी लगाया गया है। विशिष्ट लोक अभियोजक गिरिराज नागर ने बताया कि यह मामला 18 जनवरी 2025 को दर्ज किया गया था। पीड़िता की मां ने कोतवाली थाने में पॉक्सो एक्ट के तहत लिखित रिपोर्ट पेश की थी। उन्होंने बताया था कि उनकी 15 वर्षीय बेटी 5 जनवरी की रात बिना बताए घर से चली गई थी। परिजनों ने आस-पास और रिश्तेदारों में तलाश की, लेकिन बेटी का कोई पता नहीं चला। इसके बाद फरियादी ने कोतवाली थाने में मामला दर्ज कराया। पुलिस ने अनुसंधान कर पीड़िता को डिटेन किया। पीड़िता ने अपने बयानों में बताया कि घर से निकलने के बाद वह बालाजी मंदिर की तरफ गई थी, जहां उसे आरोपी मिला। आरोपी ने उसे अपने साथ खानपुर चलने के लिए कहा। जब पीड़िता ने मना किया, तो उसने उसके माता-पिता को जान से मारने की धमकी दी, जिसके बाद पीड़िता उसके साथ चलने को तैयार हो गई। आरोपी पीड़िता को डरा-धमकाकर खानपुर ले गया। दो दिन बाद वह उसे खानपुर से अपनी मौसी के यहां अंता ले गया। वहां चार दिन रुकने के बाद वे बारां गए और दो दिन वहां गुजारे। इसके बाद आरोपी पीड़िता को नयापुरा, कोटा ले गया। नयापुरा से पीड़िता ने छिपकर अपने पिता को फोन किया और बताया कि आरोपी उसे जबरदस्ती अपने साथ ले गया है। इसके बाद पीड़िता आरोपी के चंगुल से बचकर बस से झालावाड़ लौट आई।