झालावाड़ जिले में शुक्रवार रात करीब 8 बजे मानसून ने जोरदार दस्तक दी। आधे घंटे की तेज बारिश के बाद पूरी रात रुक-रुककर बारिश होती रही और शनिवार सुबह तक बूंदाबांदी का दौर चला। बारिश से भीषण गर्मी और उमस से लोगों को राहत मिली तथा तापमान गिरकर 28 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। वहीं, किसानों में अच्छी बारिश से बुवाई की उम्मीद जगी है, हालांकि मानसून में देरी के कारण कई किसानों की सोयाबीन समेत अन्य फसलों के बीज खेतों में खराब होने से आर्थिक नुकसान भी हुआ है। मानसून ने बदला मौसम का मिजाज शुक्रवार रात शुरू हुई बारिश के बाद जिले का मौसम पूरी तरह बदल गया। शुरुआत में करीब आधे घंटे तक तेज बारिश हुई, फिर पूरी रात कभी तेज तो कभी हल्की बारिश होती रही। शनिवार सुबह भी बूंदाबांदी हुई, जिससे मौसम सुहावना बना रहा। हालांकि सुबह बारिश थमने के बाद तेज धूप निकल आई और उमस के साथ गर्मी फिर बढ़ने लगी। तापमान में गिरावट, रात में महसूस हुई ठंडक बारिश के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई। शनिवार सुबह झालावाड़ का तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहा। रात के समय हल्की ठंडक महसूस हुई, जिससे लोगों को लंबे समय बाद भीषण गर्मी और उमस से राहत मिली। किसानों के लिए राहत भी, चिंता भी लगातार बारिश से किसानों के चेहरों पर खुशी लौटी है। उन्हें उम्मीद है कि अब खरीफ फसलों की बुवाई में तेजी आएगी और जल स्रोतों में भी पानी की आवक बढ़ेगी। हालांकि किसानों का कहना है कि समय पर बारिश नहीं होने से सोयाबीन सहित कई फसलों के बीज खेतों में खराब हो गए। अब उन्हें दोबारा महंगा बीज खरीदना पड़ेगा, जिससे आर्थिक नुकसान बढ़ेगा। आगे भी बारिश के आसार जून में प्री-मानसून बारिश के बाद अब जुलाई की शुरुआत में मानसून सक्रिय हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में भी जिले में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है, जिससे खेती-किसानी को फायदा मिलने की उम्मीद है। पिछले 24 घंटे में यहां हुई बारिश कंट्रोल रूम के अनुसार शनिवार सुबह 8 बजे तक रायपुर में 19 मिमी, असनावर में 3 मिमी, बकानी में 5 मिमी, डग में 7 मिमी, गंगधार में 4 मिमी, झालरापाटन में 3 मिमी, खानपुर में 31 मिमी, मनोहरथाना में 23 मिमी, पचपहाड़ में 4 मिमी, पीड़ावा में 6 मिमी, सुनेल में 7 मिमी तथा झालावाड़ शहर में 2 मिमी बारिश दर्ज की गई।